Virat Kohli: दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली इन दिनों आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से कोहराम मचा रहे हैं। टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके कोहली अब अपना पूरा ध्यान वनडे फॉर्मेट और अगले साल होने वाले आईसीसी वनडे विश्व कप पर केंद्रित कर रहे हैं। हाल ही में विजय हजारे ट्रॉफी में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने वाले कोहली ने मौजूदा आईपीएल सीजन में अब तक 484 रन ठोक दिए हैं। मैदान पर उनकी आक्रामकता और रनों की भूख आज भी वैसी ही है, लेकिन इसी बीच उन्होंने अपने करियर और भविष्य को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने क्रिकेट गलियारे में हलचल तेज कर दी है।
कोहली ने साझा किए अपने दिल के जज्बात
बताते चले कि, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने हाल ही में अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें विराट कोहली करियर के इस पड़ाव पर खुद को साबित करने के दबाव और अपनी मानसिकता पर खुलकर बात करते नजर आ रहे हैं। कोहली ने स्पष्ट किया कि वे केवल उसी माहौल में खेलना पसंद करेंगे जहां उनके योगदान की सराहना हो और उन्हें महत्व दिया जाए। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि यदि उन्हें बार-बार अपनी योग्यता का प्रमाण देने के लिए मजबूर किया जाता है, तो वे वैसी स्थिति में रहने के इच्छुक नहीं हैं।
‘योगदान और अहमियत’ पर किंग कोहली का स्पष्ट नजरिया
अपनी भविष्य की योजनाओं और टीम में अपनी भूमिका पर चर्चा करते हुए कोहली ने कहा कि उनका दृष्टिकोण एकदम साफ है। कोहली के अनुसार, “यदि मैं जिस सिस्टम का हिस्सा हूं, वहां अपना शत-प्रतिशत योगदान दे पा रहा हूं और टीम को भी लगता है कि मेरी उपयोगिता और प्रासंगिकता बनी हुई है, तभी मुझे वहां पहचान मिलेगी।” उन्होंने आगे जोड़ा कि वे अपनी तैयारियों को लेकर हमेशा ईमानदार रहे हैं, इसलिए अगर कहीं उन्हें अपनी काबिलियत को जबरन सिद्ध करने के लिए कहा जाता है, तो वह स्थान उनके लिए नहीं बना है।
खेल के प्रति अटूट समर्पण और कड़ी मेहनत का ‘विराट’ संकल्प
कोहली ने बातचीत के दौरान अपने वर्क एथिक्स और ट्रेनिंग रूटीन पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि क्रिकेट ने उन्हें जो कुछ भी दिया है, उसके लिए वे ईश्वर के प्रति बेहद कृतज्ञ महसूस करते हैं। मैदान पर उतरते समय उनका पूरा फोकस केवल खेल पर होता है। कोहली ने गर्व से कहा कि वे मैदान पर किसी भी अन्य खिलाड़ी से कम नहीं, बल्कि उनसे भी कहीं ज्यादा पसीना बहाते हैं। खेल के प्रति उनकी यह निष्ठा ही उन्हें दुनिया के सबसे फिट और खतरनाक बल्लेबाजों की श्रेणी में खड़ा रखती है।
50 ओवर तक निरंतर संघर्ष करने की तैयारी
अपनी बल्लेबाजी शैली और टीम के प्रति वफादारी का जिक्र करते हुए पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि वे वनडे मैच में 40-50 ओवर तक लगातार आक्रामक क्रिकेट खेलने की क्षमता रखते हैं। कोहली ने बताया कि वे हर गेंद को अपने करियर की आखिरी गेंद मानकर खेलते हैं। चाहे विकेटों के बीच दौड़ना हो या बाउंड्री पर फील्डिंग, वे टीम के लिए हर संभव प्रयास करने को तैयार रहते हैं। अंत में उन्होंने दोहराया कि इतनी कड़ी मेहनत और त्याग के बाद भी अगर उन्हें अपनी वैल्यू साबित करनी पड़े, तो वे वहां से आगे बढ़ना बेहतर समझेंगे।










