एसआईआर गणना पूरी, झारखंड में 7.64 लाख मृत मतदाताओं के फार्म शामिल

 रांची झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का गणना चरण पूरा हो गया है, लेकिन अब भी 43.68 लाख से अधिक गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फार्म) जमा नहीं हो सके हैं। इनमें करीब 7.64 लाख ऐसे मतदाताओं के फार्म भी शामिल हैं, जिनका निधन हो चुका है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने यह जानकारी दी। राज्य में कुल 2.64 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं के लिए बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए थे। मतदाता सूची का प्रारूप 5 अगस्त को होगा प्रकाशित निर्वाचन विभाग के अनुसार, प्राप्त सभी फार्म का

Wrriten By :

Editor

Published On :

जुलाई 31, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 रांची
झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का गणना चरण पूरा हो गया है, लेकिन अब भी 43.68 लाख से अधिक गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फार्म) जमा नहीं हो सके हैं। इनमें करीब 7.64 लाख ऐसे मतदाताओं के फार्म भी शामिल हैं, जिनका निधन हो चुका है।

राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने यह जानकारी दी। राज्य में कुल 2.64 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं के लिए बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) ने घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित किए थे।

मतदाता सूची का प्रारूप 5 अगस्त को होगा प्रकाशित
निर्वाचन विभाग के अनुसार, प्राप्त सभी फार्म का डिजिटलीकरण कर लिया गया है। अंतिम मतदाता सूची का प्रारूप 5 अगस्त को प्रकाशित किया जाएगा। इसी दिन अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट (एएसडीडी) मतदाताओं की सूची भी जारी होगी।

निर्वाचन विभाग ने बताया कि 5 अगस्त से 3 अक्टूबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। इस दौरान सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और मतदाताओं को सूची में संशोधन का अवसर मिलेगा। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक अप्राप्त फार्म शहरी विधानसभा क्षेत्रों में हैं।

बोकारो में 2.03 लाख, हटिया में 1.84 लाख, रांची में 1.53 लाख, धनबाद में 1.53 लाख, कांके में 1.42 लाख और जमशेदपुर पश्चिम में 1.13 लाख से अधिक फार्म जमा नहीं हुए हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बोरियो विधानसभा क्षेत्र में 53 हजार से अधिक फार्म लंबित हैं।

आंकड़ों में हो सकते हैं बदलाव
निर्वाचन विभाग का मानना है कि दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। विभाग ने मतदाताओं से समय सीमा के भीतर अपने दावे और आपत्तियां दर्ज कराकर मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाने में सहयोग करने की अपील की है।

 

2