
PM Modi Bastar Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दिवाली मनाई। इस अवसर पर जवानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद यह पहली दिवाली है। उन्होंने देश की सुरक्षा में तैनात सभी जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और उनके अदम्य साहस, समर्पण तथा बलिदान को नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होने पर बाहरी दुश्मन भी भारत की ओर आंख उठाने की हिम्मत नहीं कर सकता।
आंतरिक सुरक्षा मजबूत होना देश की सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में आंतरिक सुरक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब किसी देश की अंदरूनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होती है तो बाहरी दुश्मनों के लिए उसे नुकसान पहुंचाना मुश्किल हो जाता है। इसके विपरीत, आंतरिक सुरक्षा कमजोर होने पर बाहरी ताकतें हावी होने की कोशिश करती हैं। उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में सुरक्षाबलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि जवानों के शौर्य और बलिदान की वजह से देश इस चुनौती पर जीत हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ा है।
एक समय नक्सलियों के जश्न के बीच शहीद होते थे जवान
पीएम मोदी ने पुराने हालात का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय ऐसा भी था जब नक्सलियों के मारे जाने की तुलना में सुरक्षाबलों के जवान अधिक संख्या में शहीद होते थे। नक्सली संगठनों के प्रमुख अपने साथियों की मौत के बाद भी जश्न मनाते थे। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज संभव नहीं है। उस समय यह सोच बन गई थी कि देश में नक्सलवाद की समस्या इसी तरह चलती रहेगी।
‘ऐसे ही चलता रहेगा’ वाली सोच से देश आगे नहीं बढ़ता
प्रधानमंत्री ने कहा कि कोई भी देश अपने दुश्मनों के सामने ऐसी सोच के साथ आगे नहीं बढ़ सकता कि सब कुछ पहले की तरह चलता रहेगा। देश की सुरक्षा और विकास के लिए दुश्मनों का मजबूती से मुकाबला करना जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में केंद्र में उनकी सरकार आने के बाद नक्सलवाद के खिलाफ राजनीतिक इच्छाशक्ति मजबूत हुई और रणनीति में बदलाव देखने को मिला। इसके बाद अभियान के नतीजों और आंकड़ों में भी परिवर्तन आने लगा।
जवानों के शौर्य से बदले नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के नतीजे
पीएम मोदी ने सुरक्षाबलों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले 47 वर्षों में पहली बार ऐसा अवसर आया, जब एक साल के दौरान सीआरपीएफ के किसी जवान को अपनी जान नहीं गंवानी पड़ी। उन्होंने इसे जवानों के साहस, संयम और समर्पण की बड़ी सफलता बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी अभियान में सफलता प्राप्त करने के लिए मजबूत इरादों के साथ सही नीयत और प्रभावी नीतियां होना बेहद जरूरी है।
सुरक्षा बलों को फैसले लेने की पूरी आजादी दी
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों के दौरान सुरक्षा बलों के हाथ बंधे हुए थे, लेकिन उनकी सरकार ने जवानों को परिस्थितियों के अनुसार फैसले लेने की स्वतंत्रता दी। इसके साथ ही वामपंथी उग्रवाद को मिलने वाले समर्थन और मदद के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए भी कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ केवल कार्रवाई करने के बजाय समस्या की जड़ों पर प्रहार करने की रणनीति अपनाई।
किसी मां की गोद सूनी न हो, यही था सरकार का संकल्प
पीएम मोदी ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के पीछे सरकार का सबसे बड़ा उद्देश्य था कि किसी मां को अपने बेटे या बेटी को खोने का दर्द न सहना पड़े और किसी युवा का भविष्य बर्बाद न हो। इसी संकल्प के साथ लगातार काम किया गया। उन्होंने कहा कि इस अभियान में प्रचार और दिखावे के बजाय संवेदनशीलता तथा दृढ़ इच्छाशक्ति को प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके समर्पण और पराक्रम ने माओवादी आतंकवाद की कमर तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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