Veena George Controversy: केरल की राजनीति में इन दिनों स्वास्थ्य मंत्री Veena George को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। इंडियन नेशनल कांग्रेस की छात्र इकाई Kerala Students Union (KSU) ने कन्नूर में एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम आयोजित कर मंत्री को “बेस्ट एक्ट्रेस” की ट्रॉफी और एक नेक-ब्रेस (गर्दन का कॉलर) भेजने की घोषणा की। KSU के राज्य महासचिव फरहान मुंडेरी, जिला उपाध्यक्ष हरिकृष्णन पलाड और अन्य कार्यकर्ता कन्नूर के हेड पोस्ट ऑफिस के बाहर एकत्र हुए। उनके हाथ में एक ट्रॉफी और सर्वाइकल कॉलर था, जिसे वे मंत्री के तिरुवनंतपुरम स्थित आवास पर भेजने की बात कर रहे थे। उनका कहना था कि यह कॉलर “भविष्य में हवा से होने वाली चोट” से बचाने के लिए है।
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रेलवे स्टेशन की घटना से शुरू हुआ विवाद
आपको बता दें कि, यह पूरा मामला कन्नूर रेलवे स्टेशन पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। KSU कार्यकर्ताओं ने मंत्री के खिलाफ काले झंडे दिखाकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान कथित तौर पर धक्का-मुक्की की घटना हुई, जिसके बाद मंत्री ने घायल होने का दावा किया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
मंत्री को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में कन्नूर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। मेडिकल बोर्ड की जांच के बाद बताया गया कि उन्हें गर्दन में सर्वाइकल नर्व रूट्स पर दबाव के कारण तेज दर्द की शिकायत थी। हालांकि, आपात सर्जरी की आवश्यकता नहीं बताई गई, लेकिन निगरानी जारी रखने की सलाह दी गई।
विपक्ष ने बताया ‘स्क्रिप्टेड ड्रामा’
KSU का आरोप है कि यह पूरा घटनाक्रम बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। संगठन के नेताओं ने दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मंत्री से दूर रखा था, फिर भी उन्होंने “हवा से घायल” होने का दावा किया। वहीं, सत्ताधारी Communist Party of India (Marxist) ने इस घटना को मंत्री पर “घिनौना हमला” करार दिया और विपक्ष की आलोचना की। दूसरी ओर, विपक्षी कांग्रेस नेताओं ने इसे “मनगढ़ंत कहानी” बताया। KSU नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि अगर मंत्री को गंभीर चोट लगी थी, तो वे तड़के करीब 4 बजे कन्नूर से तिरुवनंतपुरम कैसे लौट आईं, जबकि दोनों शहरों के बीच लगभग 500 किलोमीटर की दूरी है।
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स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
प्रदर्शन के दौरान KSU ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि केरल का हेल्थ सेक्टर “वेंटिलेटर पर” है, जबकि मंत्री राजनीतिक घटनाओं में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ दल से जुड़े संगठनों ने उनके कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने की कोशिश की और यहां तक कि एक नेता के घर पर हमला भी हुआ। हालांकि, इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
कलपेट्टा के विधायक टी सिद्दीक ने भी मंत्री पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उनकी “अभिनय क्षमता” इतनी प्रभावशाली है कि फिल्मी सितारों को भी उनसे सीखना चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम ने केरल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज कर दिया है। एक तरफ सत्तापक्ष इसे गंभीर हमला बता रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे राजनीतिक नाटक करार दे रहा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है, खासकर तब जब विरोध और प्रतिवाद की यह लड़ाई सार्वजनिक मंचों पर जारी है।
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