Vande Mataram New Guidelines: राष्ट्रगीत पर खड़े होने की नई गाइडलाइन, गृह मंत्रालय का बड़ा आदेश जारी

गृह मंत्रालय ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम पर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत सरकारी कार्यक्रम और स्कूलों में 6 छंद वाला पूरा गीत बजाना अनिवार्य होगा।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 11, 2026

Vande Mataram New Guidelines: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में वंदे मातरम और राष्ट्रगीत को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत यह स्पष्ट किया गया है कि सिनेमाघरों में वंदे मातरम बजने पर खड़े होना अनिवार्य नहीं होगा। वहीं, सरकारी कार्यक्रमों, स्कूलों और अन्य आधिकारिक आयोजनों में 6 छंद वाले वंदे मातरम को बजाना अनिवार्य होगा। सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, मंत्रालयों और संवैधानिक निकायों को इसके पालन के लिए नोटिस भेजा गया है।

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सरकारी कार्यक्रमों में वंदे मातरम अनिवार्य

एचटी की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी कार्यक्रमों में 3 मिनट 10 सेकंड लंबा 6 छंद वाला वंदे मातरम बजाना या गाना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि राष्ट्रगीत और वंदे मातरम दोनों को एक साथ प्रस्तुत किया जाता है, तो पहले वंदे मातरम बजाया जाएगा। इस दौरान उपस्थित लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहना होगा। यह कदम वंदे मातरम के महत्व और गरिमा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

कहां जरूरी है खड़े होना

गृह मंत्रालय के आदेश में उन कार्यक्रमों और स्थानों की सूची भी दी गई है, जहां राष्ट्रगीत बजते समय खड़े होना अनिवार्य है। इसमें स्कूल सभाएं, सरकारी कार्यक्रम, और अन्य आधिकारिक आयोजन शामिल हैं। इस दौरान लोगों को सावधान मुद्रा में खड़ा रहकर सम्मान प्रकट करना होगा।

कहां नहीं खड़ा होना अनिवार्य

हालांकि, किसी फिल्म, डॉक्यूमेंट्री या न्यूज़ प्रोग्राम में राष्ट्रगीत या वंदे मातरम बजाए जाने पर लोगों को खड़े होने की आवश्यकता नहीं होगी। मंत्रालय ने इस पर जोर दिया कि फिल्मी प्रस्तुतियों में अनावश्यक खड़े होने से अव्यवस्था और भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। इसका उद्देश्य केवल गीत की गरिमा बनाए रखना है।

सरकार का उद्देश्य और महत्व

सरकार का यह प्रयास वंदे मातरम को लोकप्रिय बनाने और राष्ट्रीय गीत की गरिमा बनाए रखने के कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले, राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर संसद में इसे लेकर बहस हुई थी और गणतंत्र दिवस परेड में गीत पर आधारित झांकियों का प्रदर्शन भी किया गया था।

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