Vandebharat Express Train: केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के निवासियों और वहां जाने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं का पिटारा खोल दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे नेटवर्क को सशक्त बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने हाल ही में घोषणा की है कि माता वैष्णो देवी कटरा और श्रीनगर के बीच चलने वाली हाई-स्पीड ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ के रूट और क्षमता में बड़ा विस्तार किया जा रहा है।
नरवाई जलाना खेत और सेहत दोनों के लिए हानिकारक : कृषि मंत्री कंषाना
30 अप्रैल से बदलेगा रूट
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से जानकारी साझा की कि 30 अप्रैल से वंदे भारत एक्सप्रेस के परिचालन में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब यह ट्रेन केवल श्रीनगर और कटरा के बीच ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक विस्तारित किया जा रहा है।
इस विस्तार का सबसे बड़ा लाभ उन यात्रियों और श्रद्धालुओं को मिलेगा जो जम्मू से सीधे श्रीनगर या कटरा की यात्रा करना चाहते हैं। यह फैसला न केवल यात्रा के समय को कम करेगा, बल्कि राज्य के भीतर निर्बाध कनेक्टिविटी भी सुनिश्चित करेगा।
कोचों की संख्या में भारी वृद्धि
यात्रियों की बढ़ती संख्या और पर्यटन सीजन को देखते हुए सरकार ने ट्रेन की क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। डॉ. जितेंद्र सिंह के अनुसार वर्तमान में यह ट्रेन मात्र 8 कोच के साथ संचालित हो रही थी। विस्तार के बाद अब इसमें 20 कोच लगाए जाएंगे। कोचों की संख्या दोगुनी से भी अधिक होने के कारण अब ज्यादा लोग एक साथ सफर कर सकेंगे। इससे न केवल कैपेसिटी बढ़ेगी, बल्कि ट्रेन के भीतर यात्रियों को मिलने वाली आधुनिक सुख-सुविधाओं और आराम में भी इजाफा होगा। यह कदम कश्मीर घाटी में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक ‘गेम-चेंजर’ साबित हो सकता है।
पंजाब और जम्मू-कश्मीर में ‘ब्लैक आउट’ ड्रिल
एक तरफ जहां विकास कार्यों को गति दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सीमावर्ती राज्यों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। शुक्रवार को पंजाब और जम्मू-कश्मीर के विभिन्न जिलों में सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए एक विशेष ‘ब्लैक आउट मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया गया।
मॉक ड्रिल की मुख्य बातें
समय: शुक्रवार रात 8:00 बजे से 8:15 बजे तक 15 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद रखी गई।
प्रमुख स्थान: अमृतसर का पाइटेक्स ग्राउंड और लुधियाना की पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (PAU) जैसे महत्वपूर्ण इलाकों में यह अभ्यास किया गया।
प्रक्रिया: शाम 7:55 बजे सायरन बजाकर लोगों को सचेत किया गया और धार्मिक स्थलों से सार्वजनिक घोषणाएं की गईं। सायरन बजते ही बिजली विभाग ने ग्रिड से सप्लाई काट दी।
इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों, विशेषकर हवाई हमलों या युद्ध जैसी परिस्थितियों में नागरिक सुरक्षा और बिजली विभाग की तत्परता की जांच करना था।
बंगाल में बंपर मतदान, 10% की बढ़ोतरी: 3 करोड़ से ज्यादा वोटर्स ने डाले वोट, किसे मिलेगा फायदा?









