Vande Bharat Express: पटना से दिल्ली जा रही वंदे भारत एक्सप्रेस पर गुरुवार शाम एक सनसनीखेज पथराव की घटना हुई। यह घटना उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के जसवंतनगर और बलरई स्टेशन के बीच हुई, जब ट्रेन धीमी गति से गुजर रही थी। अचानक असामाजिक तत्वों ने ट्रेन पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। एक बड़ा पत्थर सी-1 कोच की खिड़की के शीशे से टकराया, जिससे कांच चकनाचूर हो गया। इस हमले के कारण ट्रेन के भीतर अफरा-तफरी मच गई, हालांकि चालक ने ट्रेन को नहीं रोका और वह अपनी निर्धारित गति से आगे बढ़ती रही।
रेलवे कंट्रोल रूम को तुरंत दी गई घटना की सूचना

घटना के बाद तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचित किया गया और सुरक्षा अधिकारियों को अलर्ट किया गया। ट्रेन को अलीगढ़ स्टेशन पर रोका गया, जहां रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने मामले की जांच शुरू की। RPF इंस्पेक्टर गजेंद्र पाल सिंह ने बताया कि घटना के बाद उपनिरीक्षक सत्यदेव सिंह को मौके पर भेजा गया है, और पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही संदिग्धों की पहचान के लिए भी कार्रवाई की जा रही है।
पथराव की घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया
प्रयागराज मंडल के PRO अमित कुमार सिंह ने बताया कि पथराव की घटना के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ इटावा में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। यह हमला दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग पर जसवंतनगर रेलवे स्टेशन के पास खंभा नंबर 1174 के पास हुआ, जब ट्रेन कॉशन स्पीड से गुजर रही थी। गनीमत रही कि ट्रेन की गति कम थी, जिससे कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और यात्रियों की जान को कोई नुकसान नहीं हुआ।
रेलवे सुरक्षा बल ने तेजी से लिया एक्शन

रेलवे सुरक्षा बल ने इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई की और जांच के बाद यह पाया गया कि यह पूरी घटना असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर की गई थी। पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है, ताकि जिम्मेदारों को शीघ्र गिरफ्तार किया जा सके। ट्रेन की गति कम होने से बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है।
सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे
यह घटना सुरक्षा के दृष्टिकोण से चिंता का विषय बन गई है। वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी हाई-फाई ट्रेन को भी इस प्रकार के हमलों से बचाया नहीं जा सकता, जिससे सुरक्षा उपायों की समीक्षा की आवश्यकता महसूस हो रही है। रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।