Vaibhav Suryavanshi Century: 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का धमाका, अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में जड़ा सबसे तेज शतक

क्रिकेट के मैदान पर आज वो हुआ जो बड़े-बड़े दिग्गज नहीं कर सके। बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से विरोधी टीम के परखच्चे उड़ा दिए। आखिर कितनी गेंदों में वैभव ने छुआ 100 का आंकड़ा और क्यों पूरी दुनिया उन्हें 'अगला सुपरस्टार' कह रही है? जानिए इस जादुई पारी का हर रोमांचक पल...

Vaibhav Suryavanshi Century

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 6, 2026

Vaibhav Suryavanshi Century: भारतीय क्रिकेट के उभरते हुए सितारे वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ वह कर दिखाया है, जिसकी कल्पना बड़े-बड़े दिग्गज भी नहीं कर सकते। बाएं हाथ के इस युवा बल्लेबाज ने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से न केवल दर्शकों का दिल जीता, बल्कि इतिहास के पन्नों में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा लिया। मात्र 14 वर्ष की आयु में वैभव ने फाइनल जैसे दबाव वाले मैच में जिस परिपक्वता का परिचय दिया, वह उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाता है।

55 गेंदों पर शतक: विश्व रिकॉर्ड तोड़ पारी का विश्लेषण

वैभव सूर्यवंशी ने इस मुकाबले में इंग्लैंड के गेंदबाजों की जमकर खबर ली। उन्होंने मात्र 55 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा फाइनल में लगाया गया सबसे तेज शतक है। उनकी इस पारी की सबसे खास बात उनकी टाइमिंग और निडरता रही। वैभव ने अपनी शतकीय पारी के दौरान मैदान के हर कोने में रन बटोरे और विपक्षी टीम के रणनीतिक चक्रव्यूह को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।

चौकों और छक्कों की बरसात

वैभव की इस ऐतिहासिक पारी में बाउंड्रीज का बड़ा योगदान रहा। उन्होंने अपनी पारी में 8 गगनचुंबी छक्के और 8 शानदार चौके लगाए। उनकी पावर-हिटिंग क्षमता ने यह साबित कर दिया कि उम्र महज एक संख्या है। जब वे क्रीज पर थे, तो इंग्लैंड का कोई भी गेंदबाज उन्हें रोकने में सक्षम नजर नहीं आ रहा था।

खास क्लब में हुए शामिल: उन्मुक्त चंद और मनजोत कालरा की बराबरी

वैभव सूर्यवंशी अब उन चुनिंदा भारतीय बल्लेबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शतक जड़ा है। उनसे पहले यह कारनामा उन्मुक्त चंद और मनजोत कालरा ने किया था। हालांकि, वैभव ने इन दोनों दिग्गजों को एक मामले में पीछे छोड़ दिया है—वह है रन बनाने की गति। वैभव का शतक इन दोनों के मुकाबले कहीं अधिक आक्रामक और तेज रहा, जिसने भारतीय टीम को एक मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

रिकॉर्ड्स का अंबार: सबसे कम उम्र में रचा इतिहास

इस मैच के दौरान वैभव ने केवल एक नहीं, बल्कि कई बड़े वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किए:

  • सबसे युवा शतकवीर: वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक लगाने वाले दुनिया के सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए हैं।

  • सबसे तेज शतक: फाइनल मुकाबले में सबसे कम गेंदों पर 100 रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड अब उनके नाम है।

  • छक्कों का कीर्तिमान: वे फाइनल मैच में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी भी बन गए हैं।

अंडर-19 वनडे क्रिकेट में नया कीर्तिमान: 100 छक्कों का जादुई आंकड़ा

वैभव सूर्यवंशी की उपलब्धियां यहीं खत्म नहीं होतीं। उन्होंने एक ही सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तो बनाया ही, साथ ही उन्होंने अंडर-19 वनडे क्रिकेट में कुल 100 छक्के पूरे करने का अविश्वसनीय वर्ल्ड रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंडर-19 प्रारूप में इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। यह उनके करियर की एक ऐसी उपलब्धि है जो आने वाले कई दशकों तक याद रखी जाएगी।

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