Assam Politics: गुवाहाटी में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की प्रस्तावित रीजनल वॉलेंटियर मीटिंग से पहले पार्टी के सह-संयोजक और सह-संस्थापक आशुतोष रांका समेत 30 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है। इस घटनाक्रम के बाद CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को चेतावनी दी है। दीपके ने कहा कि अगर आशुतोष रांका और अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं को रिहा नहीं किया गया, तो वह CJP के बाकी सदस्यों के साथ असम पहुंचेंगे।
आशुतोष रांका की हिरासत पर अभिजीत दीपके ने जताई नाराजगी

बताते चले कि, आशुतोष रांका की हिरासत के बाद अभिजीत दीपके ने रविवार, 27 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि असम पुलिस ने रांका को एक निजी आवास से हिरासत में लिया और उन्हें अभी तक यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि किस आरोप या आधार पर यह कार्रवाई की गई है।
दीपके ने कहा कि अगर आशुतोष रांका को रिहा नहीं किया गया, तो वह पार्टी के अन्य सदस्यों के साथ असम जाएंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में पुलिस उन्हें और CJP के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार कर सकती है। उनके इस बयान के बाद गुवाहाटी में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।
CJP के 30 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की हिरासत का दावा
CJP का कहना है कि गुवाहाटी में रविवार को प्रस्तावित रीजनल वॉलेंटियर मीटिंग से पहले असम पुलिस ने पार्टी की केंद्रीय समिति के चार सदस्यों सहित 30 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। पार्टी के मुताबिक, पुलिस ने सुबह से ही बैठक आयोजित करने की तैयारियों में बाधा डालनी शुरू कर दी थी।
CJP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि अलग-अलग स्थानों पर पार्टी के सदस्यों को हिरासत में लिया गया। पार्टी का कहना है कि कार्यकर्ता बैठक के लिए एकत्र हो रहे थे और कार्यक्रम को शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने की तैयारी थी। हालांकि, इस कार्रवाई के कारणों और हिरासत की कानूनी स्थिति पर पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
आशुतोष रांका ने असम पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
हिरासत में लिए जाने से पहले आशुतोष रांका ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। रांका के मुताबिक, जिस स्थान पर बैठक प्रस्तावित थी, वह एक निजी आवास था और वहां CJP कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से बैठक करने वाले थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस सुबह से ही पार्टी के सदस्यों के साथ सख्ती से पेश आ रही थी।

रांका ने दावा किया कि पुलिस लगातार CJP टीम के सदस्यों को हिरासत में ले रही थी और बाद में उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। उनके इन आरोपों के बाद पार्टी ने असम पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं।
गुवाहाटी में CJP रीजनल मीटिंग का स्थान क्यों बदला?
CJP की रीजनल वॉलेंटियर्स मीटिंग पहले गुवाहाटी के आठगांव इलाके में खरबा चौधरी रोड स्थित असम श्री परशुराम सेवा सदन में आयोजित की जानी थी। बैठक का समय रविवार सुबह करीब 10 बजे तय किया गया था। हालांकि, बाद में आयोजन स्थल बदलकर असम सचिवालय के सामने स्थित चौधरी टीला कर दिया गया।
CJP आयोजकों ने दावा किया कि मूल आयोजन स्थल की बुकिंग रद्द करने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। इसके बाद बैठक का स्थान बदलने का फैसला लिया गया। पार्टी के अनुसार, आयोजन स्थल बदलने के बावजूद पुलिस की कार्रवाई जारी रही और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया।
CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
आशुतोष रांका समेत CJP कार्यकर्ताओं की हिरासत के बाद असम में राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। CJP पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रही है और हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग कर रही है। वहीं, अभिजीत दीपके के असम पहुंचने के बयान ने घटनाक्रम को और चर्चा में ला दिया है। फिलहाल हिरासत के आधार, पुलिस की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। पुलिस और राज्य सरकार का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि CJP कार्यकर्ताओं को किन परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।










