Cricket News: भारतीय क्रिकेट जगत में एक बार फिर इतिहास रचा गया है। आधुनिक युग के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली ने वनडे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट में एक और अद्भुत मील का पत्थर पार करते हुए अपने 15,000 रन पूरे कर लिए हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में खेले गए पहले एकदिवसीय मुकाबले में कोहली ने यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इसके साथ ही वह महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद इस खास मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के केवल दूसरे और भारत के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
IND vs WI 1st ODI: तिरुवनंतपुरम में विराट का विराट रिकॉर्ड, सचिन से आगे
सबसे तेज 15,000 वनडे रन: सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड ध्वस्त

इस उपलब्धि का सबसे रोमांचक पहलू यह है कि विराट कोहली ने महान सचिन तेंदुलकर का सबसे तेज 15,000 रन बनाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सचिन ने 29 जून 2007 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ खेलते हुए अपने वनडे करियर का 15,000वां रन बनाया था। उन्होंने इस आंकड़े को छूने के लिए 387 मैच और 377 पारियां ली थीं।
वहीं, रन मशीन कोहली ने सचिन की तुलना में काफी कम मैचों और पारियों में इस मुकाम को हासिल कर लिया। विराट ने अपने करियर के 315वें मैच की 303वीं पारी में ही 15,000 वनडे रन पूरे कर लिए। इस प्रकार उन्होंने पारियों के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
तिरुवनंतपुरम वनडे का रोमांचक मुकाबला और पारी की दास्तां
वेस्टइंडीज के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में भारत के सामने जीत के लिए 296 रनों का लक्ष्य था। पारी की शुरुआत करने उतरे कप्तान रोहित शर्मा 32 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद 13वें ओवर में विराट कोहली तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे।
क्रीज पर आते ही कोहली ने अपनी क्लास दिखाई और महज 40 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद 29वें ओवर की पांचवीं गेंद पर शानदार चौका लगाकर उन्होंने अपने वनडे करियर का 15,000वां रन पूरा किया। उनके इस शॉट के साथ ही पूरा स्टेडियम गूंज उठा।
शुभमन गिल के साथ शानदार शतकीय साझेदारी

विराट कोहली ने इस मैच में अकेले मोर्चा नहीं संभाला, बल्कि टीम के कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर एक बेहतरीन और मजबूत साझेदारी की। कोहली और गिल ने दूसरे विकेट के लिए मिलकर 151 रनों की शानदार साझेदारी निभाई और भारतीय पारी को पूरी तरह से संभाल लिया। इस दौरान कप्तान शुभमन गिल ने भी बेहतरीन फॉर्म का प्रदर्शन करते हुए शानदार शतक जड़ा। गिल ने 108 गेंदों का सामना करते हुए 110 रनों की शानदार पारी खेली।
हालांकि यह मजबूत साझेदारी 34वें ओवर में वेस्टइंडीज के गेंदबाज रॉस्टन चेस ने तोड़ी, लेकिन तब तक भारतीय टीम जीत की दहलीज पर बहुत आगे पहुंच चुकी थी और मैच पूरी तरह से भारत की पकड़ में आ चुका था। विराट कोहली का यह ऐतिहासिक मुकाम एक बार फिर साबित करता है कि क्यों उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान और निरंतर प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाजों में गिना जाता है।
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