Uttarkashi Earthquake: आधी रात उत्तरकाशी में डोली धरती, 4.2 तीव्रता के भूकंप से दहशत

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में आधी रात धरती कांपने से लोगों में दहशत फैल गई। 4.2 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए गए। अचानक आए इन झटकों से कई लोग घरों से बाहर निकल आए। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि क्या इसके बाद फिर कोई बड़ा झटका महसूस होगा?

Uttarkashi Earthquake

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 10, 2026

Uttarkashi Earthquake:  उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में देर रात अचानक भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जिस समय धरती हिली, उस वक्त ज्यादातर लोग अपने घरों में गहरी नींद में थे। अचानक घरों और आसपास की जमीन में कंपन महसूस होने से कई लोगों की नींद खुल गई। भूकंप के झटके महसूस होते ही लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए। कुछ देर के लिए जिले के कई इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

4.2 मैग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज

आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तरकाशी में आए इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 4.2 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई। भूकंप का केंद्र जमीन की सतह से करीब 10 किलोमीटर नीचे बताया गया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी से लगभग 22 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में स्थित था। कम गहराई पर भूकंप का केंद्र होने के कारण आसपास के इलाकों में झटके महसूस किए गए।

राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास बताया गया केंद्र

अधिकारियों के अनुसार, भूकंप का केंद्र उत्तरकाशी जिले की बड़कोट तहसील के राजगढ़ी क्षेत्र के आसपास बताया गया है। भूकंप के झटकों का असर जिले की गंगा और यमुना घाटियों में भी महसूस किया गया। कई लोगों ने बताया कि कंपन कुछ समय के लिए स्पष्ट रूप से महसूस हुआ। फिलहाल प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की निगरानी की जा रही है।

जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं

भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग सक्रिय हो गए हैं। राहत की बात यह है कि शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण अधिकारियों की ओर से किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सतर्कता बरती जा रही है।

पिछले महीने भी महसूस हुए थे भूकंप के झटके

उत्तरकाशी में भूकंप आने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले 16 जुलाई को भी जिले में देर रात भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए थे। उस समय भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.5 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई थी। उस भूकंप का केंद्र भटवाड़ी तहसील के पिलंग क्षेत्र के जंगलों में बताया गया था।

उत्तरकाशी भूकंप के लिहाज से संवेदनशील

उत्तरकाशी को भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है। हिमालयी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां समय-समय पर भूकंपीय गतिविधियां महसूस होती रहती हैं। जिले के पहाड़ी भूभाग और भूकंपीय संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन और स्थानीय लोगों को हमेशा सतर्क रहने की आवश्यकता रहती है।

1991 के विनाशकारी भूकंप की याद

उत्तरकाशी में सबसे विनाशकारी भूकंपों में 20 अक्टूबर 1991 को आया भूकंप आज भी बड़ी त्रासदी के रूप में याद किया जाता है। आधी रात के समय आए इस भूकंप की तीव्रता 6.6 मैग्नीट्यूड दर्ज की गई थी। इस विनाशकारी भूकंप ने जिले में भारी तबाही मचाई थी और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था।

समय-समय पर आते रहे हैं झटके

1991 की बड़ी त्रासदी के बाद भी उत्तरकाशी में अलग-अलग समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते रहे हैं। हालांकि हर भूकंप बड़े नुकसान का कारण नहीं बनता, लेकिन लगातार महसूस होने वाली भूकंपीय गतिविधियां क्षेत्र की संवेदनशीलता को जरूर दर्शाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ी इलाकों में भूकंप के दौरान सावधानी और आपदा तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होती है।

प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

4.2 तीव्रता के भूकंप के बाद फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है। इसके बावजूद प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय स्तर पर भी लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील की जा रही है। भूकंप के बाद किसी तरह की दरार, संरचनात्मक नुकसान या अन्य असामान्य स्थिति दिखाई देने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी देना जरूरी है।

भूकंप प्रभावित क्षेत्र में सतर्कता जरूरी

उत्तरकाशी में लगातार सामने आ रही भूकंपीय गतिविधियों को देखते हुए लोगों के लिए आपदा संबंधी तैयारियां रखना महत्वपूर्ण है। भूकंप के दौरान सुरक्षित स्थान पर जाना, भारी वस्तुओं से दूरी बनाए रखना और अफवाहों पर ध्यान न देना जरूरी है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता स्थिति पर नजर रखने और किसी भी संभावित आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने की है।

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