Uttarakhand Cabinet Decisions: उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में 12 प्रस्ताव पास, प्रदेश बनेगा पूर्ण साक्षर राज्य

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 12 बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। सरकार ने उपनल (UPNL) कर्मचारियों को ‘समान कार्य-समान वेतन’ देने और उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। इसके साथ ही संस्कृत शिक्षा नियमावली-2026 को भी मंजूरी दी गई है।

Uttarakhand Cabinet Decisions

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 18, 2026

Uttarakhand Cabinet Decisions: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के चहुंमुखी विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए कई क्रांतिकारी फैसलों पर मुहर लगी है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण मंत्रिमंडल बैठक में कुल 12 बड़े प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई है। राज्य सरकार ने इस बैठक में समाज के विभिन्न वर्गों, संविदा कर्मचारियों, शिक्षा क्षेत्र और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई रफ्तार देने के लिए कई दूरगामी निर्णय लिए हैं।

इस कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित ऐतिहासिक निर्णय उपनल (UPNL) कर्मचारियों के कल्याण से जुड़ा है, जिसके तहत धामी सरकार ने उपनल कर्मियों को ‘समान कार्य-समान वेतन’ देने के ऐतिहासिक प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। इसके अलावा, कैबिनेट ने उत्तराखंड को देश का पूर्ण साक्षर राज्य (Total Literacy State) घोषित करने का भी एक अभूतपूर्व संकल्प लिया है।

आबकारी और बुनियादी ढांचे को मिली भारी राहत

प्रदेश में शैक्षणिक सुधारों, बुनियादी ढांचे और व्यापार को सुगम बनाने के लिए कैबिनेट ने कई महत्वपूर्ण नीतिगत संशोधनों को हरी झंडी दिखाई है। शिक्षा और देववाणी संस्कृति को जमीनी स्तर पर बढ़ावा देने के उद्देश्य से कैबिनेट ने संस्कृत शिक्षा नियमावली-2026 को अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचा) क्षेत्र में काम कर रहे ठेकेदारों और निर्माण एजेंसियों को बड़ी राहत दी गई है।

सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमेन (डामर/कोलतार) की कीमतों में होने वाली अप्रत्याशित वैश्विक वृद्धि और अनुपलब्धता से निपटने के लिए अनुबंध समय सीमा बढ़ाने व एक नई प्रभावी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, राज्य के आबकारी विभाग (Excitation Department) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने और व्यापारियों पर से कर का बोझ कम करने के लिए बड़ा संशोधन किया गया है; अब होलोग्राम दोहराव (डुप्लीकेशन) या वैट और सेस की गणना के दौरान होने वाले दोहरे टैक्स (Double Taxation Restructuring) को खत्म कर केवल एक ही बार टैक्स वसूलने की व्यवस्था लागू की गई है।

सेलाकुई में बनेगी हाई-टेक ‘मिलावट जांच प्रयोगशाला’

राज्य की आर्थिकी और पर्यटन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए धामी कैबिनेट ने बड़े कदम उठाए हैं। वैश्विक मंच पर उत्तराखंड की शानदार ब्रांडिंग के उद्देश्य से कैबिनेट ने अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली (International Himalayan Car Rally) के भव्य और बड़े पैमाने पर आयोजन को मंजूरी प्रदान की है।

कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र को सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने सुगंध एवं हर्बल उत्पादों के वैश्विक निर्यात (Global Export of Organic Products) को बढ़ावा देने की योजना बनाई है। इसके तहत, सेलाकुई स्थित सगंध पौधा केंद्र (CAP) में दवाओं, परफ्यूम और खाद्य पदार्थों की शत-प्रतिशत शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक अत्याधुनिक हाई-टेक ‘मिलावट जांच सुविधा एवं प्रयोगशाला’ (Advanced Food and Drug Testing Laboratory) विकसित की जाएगी।

चारधाम यात्रा के अश्व संचालकों को बीमा सहायता

कैबिनेट ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुपालन और चारधाम यात्रा से जुड़े स्थानीय नागरिकों के लिए भी बेहद संवेदनशील निर्णय लिए हैं। प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को आधुनिक तकनीकों के सहारे नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए पशुओं में एम्ब्रियो ट्रांसफर (भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक) के व्यावसायिक इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है।

वहीं, उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की रीढ़ माने जाने वाले स्थानीय घोड़ा-खच्चर संचालकों (Mule Operators) को बहुत बड़ी आर्थिक सुरक्षा दी गई है। यात्रा मार्ग पर विपरीत मौसम या दुर्घटना में पशुओं के नुकसान की भरपाई के लिए उनके बीमा प्रीमियम (Insurance Premium Assistance) पर सरकार की तरफ से 20% तक की विशेष वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिस पर सरकार लगभग 1 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसके अतिरिक्त, आंतरिक सुरक्षा और सुधार गृहों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए उत्तराखंड कारागार नियमावली (Uttarakhand Prison Manual) और कारागार अधीनस्थ सेवा नियमावली में कई अहम प्रगतिशील संशोधनों को सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है।