Uttarakhand News: उत्तराखंड में वन्यजीव सप्ताह का आगाज, 18 बहादुरों को मिलेगा 51 हजार रुपये का इनाम

उत्तराखंड में वन्यजीव सप्ताह-2026 शुरू, 18 साहसी लोगों को मानव-वन्यजीव संघर्ष में बहादुरी के लिए 51 हजार रुपये का सम्मान मिलेगा।

उत्तराखंड में वन्यजीव सप्ताह का आगाज

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 3, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देहरादून स्थित एफआरआई परिसर में आयोजित कार्यक्रम में वन्यजीव सप्ताह-2026 का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने और प्रकृति के साथ संतुलित विकास को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन्यजीव संघर्ष की परिस्थितियों में साहस दिखाने और दूसरों की जान बचाने वाले 18 लोगों को सम्मानित किया। उन्होंने प्रत्येक सम्मानित व्यक्ति को 51 हजार रुपये की धनराशि देने की घोषणा भी की।

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फोटो प्रदर्शनी और छात्र सम्मान

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने वन्यजीव फोटोग्राफी पर आधारित फोटो प्रदर्शनी भी देखी। इसके अलावा वन्यजीव विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से प्रत्येक जिले में कम से कम एक नए पर्यटन स्थल की पहचान करने और वहां प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

हल्द्वानी जू और वन्यजीव पर्यटन पर जोर

सीएम धामी ने कहा कि हल्द्वानी में चिड़ियाघर की स्थापना की योजना को सरकार ने अपने घोषणा पत्र में शामिल किया है और इस दिशा में तेजी से काम किया जाएगा। प्रस्तावित परियोजना को वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण शिक्षा और पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान हिमालय, जंगलों, नदियों, झीलों और जैव-विविधता से है। जिम कॉर्बेट और राजाजी राष्ट्रीय उद्यान राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्र हैं। सरकार का लक्ष्य प्रकृति संरक्षण के साथ वन्यजीव और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना है, ताकि स्थानीय लोगों की आय और रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

कॉर्बेट से राजाजी तक बाघों के पुनर्स्थापन की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि कॉर्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों के पुनर्स्थापन की परियोजना का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इसके साथ ही उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्नो लेपर्ड टूरिज्म की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए जंगलों की निगरानी व्यवस्था मजबूत की जा रही है। कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व में स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन की दिशा में भी निर्णय लिया गया है।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण में स्थानीय लोगों की भागीदारी बेहद जरूरी है। इको-टूरिज्म के जरिए जंगलों के आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि करीब एक लाख युवाओं को ‘सीएम यंग ईको-प्रिन्योर’ बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इसके तहत नेचर गाइड, ड्रोन पायलट, वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी और इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों में युवाओं के कौशल को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की योजना है।

वन्यजीव हमलों के पीड़ितों के लिए बढ़ी सहायता

वन्यजीव हमलों के पीड़ितों के लिए बढ़ी सहायता
वन्यजीव हमलों के पीड़ितों के लिए बढ़ी सहायता

सीएम धामी ने कहा कि वन्यजीव हमले में मृत्यु होने पर मिलने वाली अनुग्रह राशि को 6 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किया गया है। वहीं, हमले में घायल नागरिकों के इलाज का खर्च भी राज्य सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। उन्होंने पर्यटकों से अपील की कि जंगल सफारी और राष्ट्रीय उद्यानों में प्लास्टिक न फैलाएं, कूड़ा न छोड़ें और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।

वन मंत्री ने संरक्षण को बताया सामूहिक जिम्मेदारी

वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि उत्तराखंड में 71 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन भूमि के अंतर्गत आता है और वन्यजीव राज्य की अर्थव्यवस्था व स्थानीय आजीविका से भी जुड़े हैं। इस वर्ष वन्यजीव सप्ताह की थीम “जुड़े आवास-वन्य जीवन का विकास” रखी गई है। उन्होंने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए विभिन्न वन्यजीव कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। साथ ही विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने पर भी काम जारी है। कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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