Uttarakhand News: उत्तराखंड में रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रशासन ने नई पहल शुरू की है। सरकार की नई व्यवस्था के मुताबिक प्रदेश में पहली बार सेवानिवत्त पेंशनरों के लिए पहचान पत्र तैयार कराने की योजना शुरू की जा रही है। इस पहल के तहत पेंशनरो की पहचान से जुड़ा रिकॉर्ड व्यवस्थित किया जाएगा और सरकार के पास उनका एक डाटा उपलब्ध हो सकेगा। पेंशनरों के पहचान पत्र बनाने की मांग लंबे समय से गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की ओर से उठाई जा रही थी। अब शासन स्तर पर इस मांग पर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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पहचान पत्र के लिए बनेगी मानक प्रक्रिया
आपको बता दें कि, शासन ने पहचान पत्र जारी करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के लिए मानक प्रचालन प्रक्रिया यानी SOP (Standard Operating Procedure) तैयार करने की जिम्मेदारी निदेशक कोषागार, पेंशन एवं हकदारी को दी है। SOP के जरिए यह तय किया जाएगा कि पात्र पेंशनरों की पहचान कैसे की जाएगी, आवेदन और सत्यापन की प्रक्रिया क्या होगी तथा पहचान पत्र जारी करने के लिए किन नियमों और दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। हालांकि, इन प्रक्रियाओं का विस्तृत प्रारूप संबंधित विभाग की ओर से जारी होने वाली SOP के बाद ही स्पष्ट होगा।
अगस्त की बैठक में हुआ था फैसला

वहीं पेंशनरों की इस मांग पर अगस्त महीने में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक आयोजिक की गई थी। बैठक में पेंशनरों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान प्रदेश के सेवानिवृत्त पेंशनरों के पहचान पत्र बनाने का निर्णय लिया गया। इसके बाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए संबंधित विभागों के स्तर पर प्रक्रिया शुरू की गई। कार्मिक विभाग से सहमति मिलने के बाद वित्त विभाग ने भी पहचान पत्र जारी करने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वित्त विभाग ने दिए कार्रवाई के निर्देश
बताते चलें कि, वित्त सचिव डॉ. वी. षणमुगम की ओर से संबंधित विभाग को पहचान पत्र जारी करने की कार्यवाही आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही निदेशक कोषागार, पेंशन एवं हकदारी को इस पूरी प्रक्रिया के लिए SOP जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। इससे आने वाले समय में पेंशनरों के पहचान पत्र से जुड़ी प्रक्रिया को एक निर्धारित व्यवस्था के तहत संचालित किया जा सकेगा।
सरकार के पास उपलब्ध होगा पेंशनरों का डाटा
पहचान पत्र की व्यवस्था लागू होने के बाद सरकार के पास प्रदेश के सेवानिवृत्त पेंशनरों से संबंधित जानकारी को व्यवस्थित रूप से रखने में मदद मिल सकती है। इससे पेंशनरों की पहचान और रिकॉर्ड के प्रबंधन को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा। वहीं, पेंशनरों के लिए भी पहचान पत्र एक आधिकारिक पहचान के रूप में उपयोगी हो सकता है। हालांकि इसका इस्तेमाल किन-किन सरकारी सेवाओं या सुविधाओं के लिए किया जा सकेगा, यह SOP में निर्धारित नियमों के बाद स्पष्ट होगा।
पेंशनर संगठनों की मांग पर आगे बढ़ी प्रक्रिया

गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन लंबे समय से पहचान पत्र जारी करने की मांग कर रहा था। संगठन की मांग पर शासन स्तर पर विचार के बाद अब इस दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू हुई है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण अगला चरण SOP जारी होना है। इसके बाद पहचान पत्र बनाने और वितरित करने की प्रक्रिया, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन से संबंधित विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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