Uttarakhand News: हेमकुंड साहिब में उमड़ी आस्था की भीड़, 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे कपाट

हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आते ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए कपाट बंद होंगे। इससे पहले धाम में मत्था टेकने वालों की संख्या ने इस वर्ष नया रिकॉर्ड बनाया है।

10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद होंगे कपाट

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 2, 2026

Uttarakhand News: उत्तराखंड स्थित प्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब की वार्षिक यात्रा अब अपने अंतिन चरण पर पहुंच चुकी है। ऐसे में यात्रा का समापन नजदीर आने के साथ ही धाम में श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ती नजर रहा है। श्रद्धालुओं के लिए ये बड़ी खबर हो सकती है कि इस साल कपाट 10 अक्टूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। कपाट बंद होने से पहले बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचकर गुरुद्वारे में माथा टेक रहे हैं और अंतिम अरदास में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। यात्रा समाप्त होने में अब कुछ ही दिन शेष रहने के कारण गोविंदघाट से लेकर हेमकुंड साहिब तक यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ गई है।

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10 अक्तूबर को होगी अंतिम अरदास

हेमकुंड साहिब में इस वर्ष की अंतिम अरदास 10 अक्तूबर को आयोजित की जाएगी। धार्मिक परंपराओं के अनुसार अरदास के बाद गुरुद्वारा साहिब के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इसके साथ ही इस वर्ष की यात्रा औपचारिक रूप से समाप्त हो जाएगी। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट की ओर से कपाट बंद करने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ट्रस्ट के प्रबंधक सेवा सिंह ने बताया कि शीतकालीन बंदी को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन की ओर से आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अंतिम अरदास और कपाट बंद करने की प्रक्रिया को लेकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है।

इस बार टूटा श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड

इस बार टूटा श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड
इस बार टूटा श्रद्धालुओं की संख्या का रिकॉर्ड

इस वर्ष हेमकुंड साहिब की यात्रा में श्रद्धालुओं का उत्साह खास तौर पर देखने को मिला है। ट्रस्ट के अनुसार, अब तक 3 लाख 58 हजार से अधिक श्रद्धालु पवित्र धाम पहुंच चुके हैं। श्रद्धालुओं की यह संख्या पिछले वर्षों के मुकाबले काफी अधिक बताई जा रही है। प्रबंधन के मुताबिक, इस वर्ष यात्रा के दौरान लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंचे। कपाट बंद होने की तारीख नजदीक आने के साथ अब अंतिम दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।

अंतिम चरण में यात्रा मार्ग पर बढ़ी रौनक

यात्रा के अंतिम दिनों में हेमकुंड साहिब के आसपास एक बार फिर श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु अंतिम अरदास से पहले धाम पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। कई श्रद्धालु कपाट बंद होने से पहले पवित्र सरोवर के दर्शन और गुरुद्वारा साहिब में मत्था टेकने को विशेष महत्व दे रहे हैं। यात्रा समाप्त होने के बाद क्षेत्र में शीतकालीन परिस्थितियों के कारण नियमित धार्मिक गतिविधियां सीमित हो जाएंगी। ऐसे में 10 अक्तूबर से पहले हेमकुंड साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए यह इस वर्ष के दर्शन का अंतिम अवसर होगा।

अगले साल फिर खुलेगा यात्रा का मार्ग

अगले साल फिर खुलेगा यात्रा का मार्ग
अगले साल फिर खुलेगा यात्रा का मार्ग

10 अक्तूबर को कपाट बंद होने के साथ इस वर्ष की हेमकुंड साहिब यात्रा पर विराम लग जाएगा। इसके बाद सर्दियों के मौसम में धाम बर्फबारी और कठिन मौसम की परिस्थितियों से घिर जाता है। अगले यात्रा सीजन में निर्धारित धार्मिक परंपराओं के अनुसार कपाट दोबारा श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। फिलहाल यात्रा के अंतिम चरण में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ से हेमकुंड साहिब में धार्मिक उत्साह और आस्था का माहौल बना हुआ है। रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के बाद इस वर्ष की यात्रा को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन भी विशेष रूप से उत्साहित है।

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