Uttarakhand News: अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर उत्तराखंड के सीएम धामी ने प्रदेश के वरिष्ट नागरिकों और दिव्यांग युवाओं को बड़ी सौगात दी है। देहरादून स्थित हिमानलयन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत की, इसका मुख्य उद्देश्य दिव्यांग विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर मौका दिलाना था। इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदार देने वाले 23 वरिष्ठजनों को सम्मानित भी किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए सभी उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई और वरिष्ठजनों को समाज की महत्वपूर्ण धरोहर बताया।
Uttarakhand News: उत्तराखंड में बिजली व्यवस्था को मिलेगा सहारा, 4 जगह
‘वरिष्ठजनों का सम्मान हमारी जिम्मेदारी’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि वह प्रदेश के मुख्य सेवक होने के साथ-साथ राज्य के बेटे भी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक का सम्मान, सुरक्षा और सुविधाओं का ध्यान रखना सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री के अनुसार वरिष्ठ नागरिक केवल उम्रदराज लोग नहीं हैं, बल्कि उनके पास जीवन का लंबा अनुभव और समाज की समृद्ध विरासत मौजूद है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठजनों के अनुभव से नई पीढ़ी को सीखने और आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
नौ लाख से ज्यादा वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नौ लाख से अधिक वरिष्ठ नागरिकों को पेंशन दी जा रही है, जिस पर सरकार की ओर से 147 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। सरकार की ओर से सभी जिलों में वृद्धाश्रमों की व्यवस्थाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके अलावा केंद्र सरकार के सहयोग से अटल वयो अभ्युदय योजना के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और उनके समग्र विकास के लिए योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और सुविधाओं पर जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम लागू किया गया है। इसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों और उनके सम्मान की रक्षा के लिए कानूनी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही राज्य में वरिष्ठजनों के लिए दीनदयाल मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के माध्यम से मुफ्त तीर्थयात्रा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का कहना है कि ऐसी योजनाओं के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा के साथ-साथ धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर भी मिल रहा है।
दिव्यांग युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर

कार्यक्रम में दिव्यांग युवाओं के लिए सिविल सर्विस की निशुल्क कोचिंग शुरू किए जाने को भी महत्वपूर्ण पहल के तौर पर सामने रखा गया। उत्तराखंड समाज कल्याण विभाग की वेबसाइट पर दिव्यांग छात्रों को सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग और निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग से संबंधित सूचनाएं भी उपलब्ध हैं। इस पहल से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे दिव्यांग युवाओं को आर्थिक बोझ कम करने और परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक मार्गदर्शन हासिल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
23 वरिष्ठजनों का हुआ सम्मान
समारोह के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 23 वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठजनों के अनुभव, योगदान और सामाजिक भूमिका को रेखांकित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्ग समाज की जीवंत विरासत हैं और उनके अनुभव को सम्मान देना सामूहिक जिम्मेदारी है। इस अवसर पर सितंबर महीने की पेंशन राशि के भुगतान का भी उल्लेख किया गया। कार्यक्रम का मुख्य संदेश वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सामाजिक सुरक्षा और सुविधाओं को मजबूत करने के साथ-साथ दिव्यांग युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अवसर उपलब्ध कराने पर केंद्रित रहा।










