Uttarakhand News: मां-बाप की दौड़-भाग होगी कम, जन्म प्रमाण पत्र के लिए देहरादून नगर निगम ने बदला नियम

देहरादून नगर निगम ने जन्म प्रमाण पत्र की प्रक्रिया आसान करने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। अब निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को जन्म की ऑनलाइन एंट्री के साथ जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। इससे अभिभावकों को सत्यापन के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी।

जन्म प्रमाण पत्र के लिए देहरादून नगर निगम ने बदला नियम

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 4, 2026

Uttarakhand News: देहरादून में जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अभिभावकों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत मिलने वाली है। देहरादून नगर निगम ने जन्म पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए व्यवस्था में बदलाव करने का फैसला किया है। नई व्यवस्था के तहत निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को बच्चे के जन्म की ऑनलाइन जानकारी दर्ज करने के साथ संबंधित दस्तावेज भी पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।

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निजी अस्पतालों को दस्तावेज अपलोड करना होगा अनिवार्य

देहरादून नगर निगम में इस समय 150 से ज्यादा निजी अस्पताल और अन्य चिकित्सा संस्थान पंजीकृत हैं। इन संस्थानों की ओर से प्रतिदिन औसतन करीब 100 जन्म प्रमाण पत्रों के लिए ऑनलाइन एंट्री भेजी जाती है। अभी तक अस्पतालों और नर्सिंग होम की ओर से जन्म की जानकारी तो ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही थी, लेकिन उसके साथ जरूरी दस्तावेज अपलोड नहीं किए जाते थे। इस वजह से दस्तावेजों के सत्यापन के लिए माता-पिता को नगर निगम कार्यालय पहुंचना पड़ता था। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऑनलाइन पंजीकरण के साथ जरूरी कागजात भी अपलोड किए जाएंगे। इससे सत्यापन का काम ऑनलाइन स्तर पर ही आसान हो सकेगा और अभिभावकों की परेशानी कम होगी।

नगर निगम ने निजी संस्थानों को भेजे निर्देश

नगर निगम के स्वास्थ्य अनुभाग ने शहर के सभी संबंधित निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को नई प्रक्रिया के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जन्म प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आनंद शुक्ला के मुताबिक, निजी अस्पतालों को ऑनलाइन एंट्री के समय दस्तावेज अनिवार्य रूप से अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे लोगों को छोटी-छोटी औपचारिकताओं के लिए नगर निगम कार्यालय आने की जरूरत कम होगी।

क्यूआर कोड से जमा होगा नगर निगम का शुल्क

क्यूआर कोड से जमा होगा नगर निगम का शुल्क
क्यूआर कोड से जमा होगा नगर निगम का शुल्क

नगर निगम जन्म प्रमाण पत्र सहित विभिन्न सेवाओं के शुल्क भुगतान की व्यवस्था में भी बदलाव करने जा रहा है। शुल्क वसूली को लेकर सामने आने वाली शिकायतों को देखते हुए अब तय रकम क्यूआर कोड के माध्यम से जमा कराने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक स्पष्ट रहेगी और लोगों को शुल्क जमा करने में भी सुविधा मिलेगी।

घर के नजदीक मिलेंगी नगर निगम की सेवाएं

जन्म प्रमाण पत्र की प्रक्रिया के साथ नगर निगम लोगों को दूसरी नागरिक सेवाएं भी उनके घर के नजदीक उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए चकशाहनगर में पहला पब्लिक फैसिलिटीज सेंटर बनाए जाने की योजना है। यह सेंटर विधानसभा के पास स्थित पुराने कैंप कार्यालय परिसर में बनाया जाएगा। नगर आयुक्त आलोक पांडेय के निर्देश पर लोक निर्माण अनुभाग ने परियोजना की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईई रजित कोटियाल के अनुसार, सेंटर की डीपीआर तैयार हो चुकी है और इसकी अनुमानित लागत करीब 52 लाख रुपये है।

एक ही सेंटर पर मिलेंगी कई सुविधाएं

प्रस्तावित सेंटर पर जन्म प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं के साथ हाउस टैक्स जमा करने और पालतू कुत्ते का लाइसेंस बनवाने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है। इसके अलावा बिजली, सफाई, अतिक्रमण और सड़क कटिंग से संबंधित शिकायतें भी यहां दर्ज कराई जा सकेंगी।

अन्य इलाकों में भी खुलेंगे सेंटर

नगर निगम चकशाहनगर के बाद शहर के दूसरे हिस्सों में भी ऐसे पब्लिक फैसिलिटीज सेंटर विकसित करने की योजना बना रहा है। मोथरोवाला, राजपुर, आर्केडिया और हर्रावाला समेत विभिन्न जोनल कार्यालयों में इस तरह की सुविधा शुरू करने की तैयारी है। इससे लोगों को नगर निगम से जुड़े सामान्य कामों के लिए मुख्य कार्यालय तक जाने की जरूरत कम होगी।

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