Uttarakhand News: केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं के किराए को लेकर लंबे समय से चल रही प्रक्रिया अब लगभग पूरी हो चुकी है। हेली कंपनियों के टेंडर खोल दिए गए हैं और अब केवल प्रस्तावित दरों पर अंतिम सहमति बननी बाकी है। उम्मीद है कि मंगलवार तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी और नए किराए की घोषणा भी कर दी जाएगी।
यूकाडा की जिम्मेदारी
उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) प्रदेश में हेली सेवाओं के संचालन और किराया निर्धारण की जिम्मेदारी संभालता है। यह प्राधिकरण हर तीन साल में केदारनाथ यात्रा के लिए हेली सेवाओं का किराया तय करता है। वर्तमान में हेली सेवाएं सिरसी, गुप्तकाशी और फाटा के कुल नौ हेलीपैड से संचालित होती हैं, और इन स्थानों से किराया अलग-अलग निर्धारित होता है।
पिछली बार का किराया और यात्रियों की परेशानी
पिछली बार हेली सेवाओं का किराया वर्ष 2022 में तय किया गया था, जो 2025 तक लागू रहा। हालांकि, कुछ हेली दुर्घटनाओं के बाद उड़ानों की संख्या कम कर दी गई थी। इसके चलते यात्रियों पर किराए का बोझ लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गया था। इस स्थिति को देखते हुए इस वर्ष नए सिरे से टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
न्यूनतम किराए का प्रस्ताव
नागरिक उड्डयन विभाग ने हेली कंपनियों से न्यूनतम संभव किराया प्रस्तावित करने को कहा था ताकि यात्रियों को राहत मिल सके। इस प्रक्रिया में कुल आठ हेली कंपनियों के टेंडर सही पाए गए हैं और वे अंतिम चयन के लिए योग्य मानी गई हैं।
सिरसी से संचालित सेवा पर निर्णय बाकी
बताया जा रहा है कि सिरसी से संचालित एक हेली सेवा के टेंडर पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है, जिसे मंगलवार तक पूरा कर लिया जाएगा। कंपनियों ने अपने-अपने न्यूनतम किराया प्रस्ताव विभाग को सौंप दिए हैं और इन पर लगभग सहमति बन चुकी है।
जल्द होगा किराए का ऐलान
यूकाडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष चौहान ने कहा कि पूरी प्रक्रिया लगभग समाप्त हो चुकी है और मंगलवार तक किराया निर्धारित कर सार्वजनिक कर दिया जाएगा। इसके बाद जल्द ही हेली सेवाओं की बुकिंग भी शुरू कर दी जाएगी, जिससे श्रद्धालु अपनी यात्रा की योजना आसानी से बना सकेंगे।
केदारनाथ धाम के लिए हेली सेवाओं का किराया तय होने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। नए किराए की घोषणा से यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही बुकिंग शुरू होने के बाद श्रद्धालु अपनी यात्रा को और सुगम बना पाएंगे।
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