UP Politics: यूपी के विधानसभा चुनाव के लिए सभी दलों ने कमर कस ली है। सियासी बिसात पर जाति और धर्म की गोटियां भी बिछनी शुरू हो गई है। प्रदेश में कांग्रेस और बसपा के हाशिए पर जाने के बाद अब सीधा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच होना तय माना जा रहा है। सत्तारूढ भाजपा जहां प्रदेश में तीसरी बार यूपी के सिंहासन पर विराजने की तैयारी में है तो वहीं सपा अपने पीडीए के दांव से भाजपा की राह रोकने में जुटी हुई हैं। इस बीच भाजपा के सहयोग के लिए राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आरएसएस ने भी प्रदेश को मथना शुरू कर दिया हैं।
हर विधानसभा सीट पर संघ की सक्रियता

संघ सूत्रों के अनुसार आरएसएस बीते तीन महीने से राज्य की हर विधानसभा सीट पर सक्रिय हो गया है। संघ के स्वयंसेवक हर दरवाजे जा कर भाजपा सरकार की उपलब्धियों का बखान तो कर ही रहे है। साथ ही यह भी बता रहे है कि अगर राज्य में सपा सरकार आ गई तो उनके लिए क्या दुश्वारियां सामने आ सकती हैं।
जेन जी और दलित वोटर संघ के निशाने पर

संघ के टारगेट पर मुख्य रूप से दलित व जेन जी मतदाता है। संघ जेन जी से सीधा संवाद कर रहा है। चूकि अधिकतर जेन जी ने गैर भाजपाई शासन नहीं देखा है तो संघ द्वारा उन्हे राम मंदिर आंदोलन के बारे में पूरी जानकारी दी जा रही हैं। उन्हे बताया जा रहा है कि किस तरह से सपा शासनकाल में अयोध्या में कारसेवकों पर गोलियां चलवाई गई थी। यह भी बताया जा रहा है कि सपा शासनकाल में मुजफ्फरनगर दंगे में हिंदुओं के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की गई थी। इतना ही नहीं सपा शासनकाल में हिंदुओं के पलायन और महिलाओं के साथ हुए अपराधों की घटनाओं की याद भी दिलायी जा रही हैं।
2024 के झटके के बाद दलितों पर फोकस
संघ 2024 के लोकसभा चुनाव में दलितों के इंडिया गठबंधन में जाने के झटके से भी सजग है। इसीलिए गांव-गांव स्वयंसेवक विपक्षी के झूठे नैरेटिव में नहीं फंसने की सलाह दे रहे है। दलित बस्तियों में स्वयंसेवक बता रहे है कि उनके हितो पर कुठाराधात करने में सबसे ज्यादा मामले जिस जाति या धर्म से आते है। वह ही सपा का आधार वोट बैंक है। इसके लिए वह विभिन्न थानों में दलितों के खिलाफ दर्ज मामलों की बानगी भी पेश कर रहे है।
दरअसल, संघ का मानना है कि यूपी विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता को मानसिक तौर पर इतना सशक्त बना देना है कि विपक्षी नैरेटिव का उन पर असर कम से कम हो। कुल मिलाकर यूपी में भी संघ पश्चिम बंगाल की तर्ज पर काम शुरू कर चुका है।










