
Uttarakhand News: उत्तराखंड में विधानसभा सत्र को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व वाली सरकार सोमवार, 26 अक्टूबर को ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण पहुंचेगी। मुख्यमंत्री के साथ विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण, मंत्रियों और विधायकों के भी देर शाम तक पहुंचने की संभावना है। 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले दो दिवसीय सत्र को देखते हुए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर बहस होने की उम्मीद है।
Uttarakhand News: अंकिता भंडारी हत्याकांड पर सीएम धामी का बड़ा बयान,
27 अक्टूबर से शुरू होगा दो दिवसीय विधानसभा सत्र
गैरसैंण में विधानसभा का दो दिन का सत्र 27 अक्टूबर से शुरू होगा। सत्र के दौरान राज्य सरकार वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब सात हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश करेगी। इसके अलावा कई विधेयक और विभिन्न विभागों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी। सत्र की अवधि कम होने के बावजूद विधायी और वित्तीय कामकाज के लिहाज से इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सात हजार करोड़ रुपये के अनुपूरक बजट पर रहेगी नजर

इस सत्र का प्रमुख आकर्षण सरकार की ओर से पेश किया जाने वाला लगभग सात हजार करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट होगा। इस बजट के जरिए सरकार वित्तीय वर्ष के दौरान जरूरी अतिरिक्त खर्चों के लिए प्रावधान कर सकती है। बजट से जुड़े विवरण और अलग-अलग मदों में धनराशि के आवंटन पर सदन में चर्चा होने की संभावना है। अनुपूरक बजट के साथ पेश होने वाले विधेयकों और विभागीय रिपोर्टों पर भी विधायकों की नजर रहेगी।

विपक्ष ने सरकार को घेरने की बनाई रणनीति
विधानसभा सत्र से पहले विपक्ष ने भी सरकार को घेरने की तैयारी कर ली है। कांग्रेस प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों को सदन में उठाने के साथ ही सड़क पर भी विरोध दर्ज कराने की रणनीति बना रही है। विपक्ष का उद्देश्य सरकार से विभिन्न मुद्दों पर जवाब मांगना और जनहित से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाना है। कांग्रेस विधायकों की ओर से सदन में सरकार को घेरने की तैयारी की गई है, जिससे सत्र के दौरान राजनीतिक बहस तेज होने की संभावना है।
27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव का कांग्रेस का ऐलान
कांग्रेस ने 27 अक्टूबर को विधानसभा घेराव करने की घोषणा की है। ऐसे में सत्र के पहले दिन सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज रह सकती हैं। कांग्रेस जहां विधानसभा के बाहर प्रदर्शन के जरिए अपनी मांगें उठाएगी, वहीं पार्टी के विधायक सदन में विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगेंगे। इस विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने भी आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सरकार ने विपक्ष के सवालों का जवाब देने की तैयारी की
दूसरी ओर, धामी सरकार ने विपक्ष के सवालों का तथ्यों के साथ जवाब देने की रणनीति बनाई है। सरकार की कोशिश रहेगी कि सदन में अनुपूरक बजट, विधेयकों और विभागीय रिपोर्टों से संबंधित कामकाज के साथ विपक्ष के उठाए गए मुद्दों पर अपना पक्ष रखा जाए। सत्र के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल सकते हैं।
गैरसैंण में सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियां पूरी

विधानसभा सत्र के मद्देनजर सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं में तैनात अधिकारी तथा कर्मचारी रविवार को ही गैरसैंण पहुंच गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियां संभाल ली हैं। अब मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के पहुंचने के साथ सत्र की तैयारियां अंतिम चरण में होंगी। सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि दो दिवसीय सत्र में अनुपूरक बजट और अन्य विधायी कार्यों के साथ विपक्ष के सवालों पर सरकार क्या जवाब देती है।











