
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कहा है कि पीड़िता को न्याय दिलाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रविवार, 25 अक्टूबर को हल्द्वानी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील मामले पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना केवल सरकार ही नहीं, बल्कि समाज और प्रशासनिक व्यवस्था की भी गंभीर जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मामले में तथ्यों और सबूतों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे उत्तराखंड को झकझोरा

अंकिता भंडारी ऋषिकेश के वनतंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे उत्तराखंड में आक्रोश पैदा किया था और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग लगातार उठती रही है। यह मामला राज्य की राजनीति और सार्वजनिक चर्चा में भी महत्वपूर्ण बना हुआ है। मुख्यमंत्री धामी ने अपने बयान में कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में न्याय सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
राजनीतिक फायदे के लिए मामले का इस्तेमाल न हो: धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंकिता भंडारी जैसे गंभीर मामले पर किसी भी तरह की चर्चा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि किसी संवेदनशील घटना का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ लेने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। धामी ने सवाल उठाया कि किसी बेटी की पीड़ा को राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल करना या बिना पर्याप्त सबूत के आरोप लगाना कितना उचित है। उनके मुताबिक, मामले की गंभीरता को समझते हुए जिम्मेदारी से बयान देना जरूरी है।
न्यायिक प्रक्रिया और सबूतों को बताया सबसे महत्वपूर्ण
सीएम धामी ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में न्यायिक प्रक्रिया, तथ्य और साक्ष्य सबसे ऊपर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने दोषियों को अदालत से सजा सुनाए जाने और जमानत याचिकाओं पर न्यायिक कार्यवाही का उल्लेख करते हुए कहा कि कानून के निर्धारित रास्ते का पालन किया जाना चाहिए। उनके बयान का मुख्य संदेश यही था कि मामले में न्याय सुनिश्चित करने के लिए तथ्यों और अदालत की प्रक्रिया पर भरोसा रखा जाए।

हल्द्वानी के कुमाऊं द्वार महोत्सव में दिया बयान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यह बयान हल्द्वानी में आयोजित कुमाऊं द्वार महोत्सव के दौरान दिया। इस कार्यक्रम में वह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। कार्यक्रम के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उनकी टिप्पणी सामने आई, जिसमें उन्होंने न्याय को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने संवेदनशील मामलों में राजनीतिक बयानबाजी के बजाय तथ्यों पर आधारित चर्चा की जरूरत पर बल दिया।
अंकिता को न्याय दिलाने की मांग पर फिर चर्चा
सीएम धामी के बयान के बाद अंकिता भंडारी मामले में न्याय, सबूत और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर चर्चा फिर प्रमुख हो गई है। इस मामले में पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। मुख्यमंत्री ने अपने वक्तव्य में कहा कि न्याय की दिशा में तथ्यों और कानूनी प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए। फिलहाल, उनके बयान का केंद्र अंकिता को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी और मामले को राजनीतिक लाभ से अलग रखकर देखने की आवश्यकता रही।
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