
UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के विकास, निवेश और युवाओं के रोजगार को लेकर अपनी सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखी हैं। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं का विस्तार, निवेश को बढ़ावा देना और नई तकनीक को प्रोत्साहित करना नए उत्तर प्रदेश के विकास का अहम हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को प्रदेश में ही बेहतर रोजगार और आगे बढ़ने के नए अवसर मिलें।
सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर कानपुर नगर के बिठूर में जनकल्याण और विकास से जुड़े कार्यक्रम होंगे। यहां बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा। साथ ही, अलग-अलग सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी बांटे जाएंगे।
वैश्विक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के साथ होंगे MOU
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि विकास परियोजनाओं के साथ प्रदेश में निवेश और तकनीकी नवाचार को भी आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी दिशा में वह लखनऊ में GCC Innovation Summit 2026 का शुभारंभ करेंगे। इस सम्मेलन में वैश्विक कंपनियों और विश्वविद्यालयों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने की योजना है।

इन समझौतों से तकनीकी अनुसंधान, नवाचार और उच्च कौशल वाले रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश है कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जुड़ने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने के मौके मिलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में डबल इंजन सरकार विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है।
महर्षि वाल्मीकि की विरासत और आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ेगा यूपी
सीएम योगी ने कहा कि आज का दिन उत्तर प्रदेश की उस विकास यात्रा को दिखाता है, जिसमें एक तरफ प्रदेश अपनी गौरवशाली विरासत से जुड़ा है, तो दूसरी तरफ भविष्य की नई संभावनाएं तैयार कर रहा है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से भगवान श्रीराम के जीवन, आदर्शों और रामराज्य की अवधारणा को जन-जन तक पहुंचाया। वहीं, जीसीसी इनोवेशन समिट प्रदेश को वैश्विक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, महर्षि वाल्मीकि की रामायण केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, मर्यादा और जनकल्याण की भी प्रेरणा देती है। आज इसी परंपरा को आधुनिक दौर से जोड़ते हुए विज्ञान और तकनीक के जरिए युवाओं की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है, ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सकें।
2017 के बाद निवेश और औद्योगिक विकास पर सरकार का जोर: सीएम योगी
सीएम योगी ने अपने संदेश में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में विरासत के सम्मान के साथ-साथ विज्ञान और विकास को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिल रही थी। औद्योगिक और तकनीकी क्षमताओं के अनुरूप निवेश आकर्षित करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना बड़ी चुनौती थी।

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब बेहतर कनेक्टिविटी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों के जरिए प्रदेश में नई संभावनाएं तैयार हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक क्षमता केंद्रों (GCC) के क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है और उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के प्रमुख केंद्र के रूप में उभर रहा है।
युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार और वैश्विक पहचान दिलाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना तभी पूरी होगी, जब प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, बेहतर शिक्षा और आधुनिक तकनीक एक साथ आगे बढ़ेंगी। सरकार की मंशा है कि युवाओं को अपने ही प्रदेश में उच्च कौशल वाले रोजगार मिलें और वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
बिठूर में विकास परियोजनाओं और लखनऊ में जीसीसी इनोवेशन समिट के जरिए सरकार बुनियादी सुविधाओं, निवेश और तकनीकी विकास को एक साथ आगे बढ़ाने का संदेश दे रही है। अब इन पहलों का वास्तविक असर परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निवेश की प्रगति और युवाओं के लिए पैदा होने वाले रोजगार के अवसरों से तय होगा।











