Uttarakhand News: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अब धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ने वाली हैं। चुनावी कार्यक्रम के तय कैलेंडर के मुताबिक 1 अक्टूबर से प्रदेश में चुनाव संबंधी तैयारियों का अगला चरण शुरू होगा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से इस दौरान सभी जिलों में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की प्रथम चरण की जांच कराई जाएगी। इसके साथ ही मतदान केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर भी जरूरी प्रक्रिया शुरू होगी।
1 अक्टूबर से ईवीएम-वीवीपैट की जांच
चुनाव तैयारियों के तहत सबसे पहले इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी ईवीएम और वीवीपैट की फर्स्ट लेवल चेकिंग की जाएगी। यह प्रक्रिया जिलावार पूरी की जाएगी, ताकि चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की तकनीकी स्थिति की समय रहते जांच हो सके। जांच के दौरान मशीनों से जुड़ी जरूरी तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद चुनाव आयोग की तैयारियां अगले चरण में प्रवेश करेंगी। प्रशासन का उद्देश्य चुनाव से पहले सभी जरूरी संसाधनों को व्यवस्थित और तैयार रखना है।
मतदान केंद्रों की भी होगी पड़ताल
ईवीएम और वीवीपैट की जांच के साथ ही प्रदेश के सभी मतदान केंद्रों की स्थिति का भी जायजा लिया जाएगा। चुनाव आयोग की टीमें मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन करेंगी और वहां उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करेंगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि किसी मतदान केंद्र पर मतदाताओं के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की जरूरत तो नहीं है। बिजली, पानी, पहुंच मार्ग, बैठने की सुविधा और अन्य जरूरी इंतजामों से संबंधित आवश्यकताओं को भी चिह्नित किया जाएगा।
मतदान केंद्रों की यह पड़ताल इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, ताकि चुनाव के दौरान मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े और मतदान प्रक्रिया सुचारु तरीके से संपन्न हो सके।
मतदाता जागरूकता अभियान की भी बनेगी रणनीति
चुनावी तैयारियों के साथ मतदाताओं को मतदान के प्रति जागरूक करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। आयोग की ओर से स्वीप यानी Systematic Voters’ Education and Electoral Participation से जुड़ी गतिविधियों का खाका तैयार किया जाएगा। इन अभियानों के जरिए लोगों को मतदान के महत्व के बारे में जागरूक करने और अधिक से अधिक मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। खासतौर पर नए मतदाताओं और युवाओं को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने की दिशा में भी गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं।
15 सितंबर को सामने आएगी अंतिम मतदाता सूची
वहीं, उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया भी जारी है। इस प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित दावे और आपत्तियां प्राप्त की गई हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 11 सितंबर तक सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा करना होगा। इसके बाद 15 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
अंतिम सूची जारी होने के बाद ही प्रदेश में कुल मतदाताओं की संख्या की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। इसके आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा।
चुनावी तैयारियों में आएगी तेजी
कुल मिलाकर सितंबर में मतदाता सूची को अंतिम रूप देने और अक्टूबर से ईवीएम-वीवीपैट की जांच तथा मतदान केंद्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव की तैयारियां और तेज होने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और प्रशासन की गतिविधियां लगातार बढ़ेंगी।
Uttarakhand News: देहरादून में ‘हनुमान अंश’ देखने पहुंचे धामी, उत्तराखंड










