Uttarakhand Cabinet Portfolio: CM धामी ने किया विभागों का बंटवारा, नए मंत्रियों को मिली ये अहम जिम्मेदारियां

उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा फेरबदल! मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपनी कैबिनेट का विस्तार करते हुए 5 नए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है। मदन कौशिक, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा... किन दिग्गजों को मिली धामी सरकार में जगह?

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 22, 2026

Uttarakhand Cabinet Portfolio: उत्तराखंड में हाल ही में हुए कैबिनेट विस्तार के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंत्रियों के बीच विभागों का आवंटन कर दिया है। इस फेरबदल के बाद सरकार की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाने की कोशिश की गई है। पांच नए मंत्रियों को शामिल करने के बाद अब विभागों का वितरण कर प्रशासनिक ढांचे को मजबूती देने का प्रयास किया गया है।

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सीएम धामी ने अपने पास रखे प्रमुख विभाग

जारी सूची के अनुसार मुख्यमंत्री धामी ने कई महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभाग अपने पास ही बनाए रखे हैं। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, कार्मिक, सतर्कता, सूचना एवं जनसंपर्क, नियुक्ति और प्रशिक्षण जैसे अहम विभाग शामिल हैं। ये सभी विभाग शासन संचालन की रीढ़ माने जाते हैं, जिनके जरिए प्रशासनिक नियंत्रण और कानून-व्यवस्था पर सीधा प्रभाव पड़ता है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री के पास वित्त, राजस्व, ऊर्जा, औद्योगिक विकास, श्रम, पेयजल, न्याय, नागरिक उड्डयन और आवास जैसे कई अन्य विभाग भी हैं। पहले से ही उनके पास 35 से अधिक विभागों की जिम्मेदारी थी, और अब भी उन्होंने मुख्य नियंत्रण अपने पास रखते हुए रणनीतिक संतुलन बनाए रखा है।

पांच नए मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी

कैबिनेट विस्तार के तहत पांच नए चेहरों को मंत्री बनाया गया, जिनमें खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा शामिल हैं। इन सभी को उनके अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए विभाग सौंपे गए हैं।

खजान दास को समाज कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, छात्र कल्याण और भाषा विभाग दिए गए हैं। वहीं भरत सिंह चौधरी को ग्राम विकास, लघु एवं सूक्ष्म मध्यम उद्यम और खादी एवं ग्रामोद्योग का जिम्मा सौंपा गया है।

मदन कौशिक को पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, आयुष और जनगणना जैसे विभाग दिए गए हैं। प्रदीप बत्रा को परिवहन, सूचना प्रौद्योगिकी, विज्ञान एवं जैव प्रौद्योगिकी का कार्यभार मिला है। वहीं राम सिंह कैड़ा को शहरी विकास, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और जलागम प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

लंबे समय से खाली थे मंत्री पद

मंत्रिमंडल में ये पांच पद काफी समय से खाली चल रहे थे। इनमें से तीन पद पहले से रिक्त थे, जबकि एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद खाली हुआ था और एक पद प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के चलते रिक्त हुआ। इन विभागों की जिम्मेदारी अस्थायी रूप से मुख्यमंत्री के पास ही थी, जिसे अब नए मंत्रियों में बांटा गया है।

संतुलन और बेहतर प्रशासन की कोशिश

राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह विभागीय बंटवारा काफी अहम माना जा रहा है। इसमें क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन के साथ-साथ प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि मुख्यमंत्री द्वारा अहम विभाग अपने पास रखना एक रणनीतिक कदम है, जिससे सरकार की मुख्य कमान उनके नियंत्रण में बनी रहती है।

वहीं, अन्य विभाग मंत्रियों को सौंपकर कार्यों का बेहतर विभाजन किया गया है, जिससे योजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी। कुल मिलाकर यह बदलाव सरकार को अधिक जवाबदेह, समन्वित और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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