
Uttarakhand News: उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग ने तैयारियां तेज कर दी है। चुनाव से पहले मतदाताओं को मतदान प्रक्रिया और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की कार्यप्रणाली से परिचित कराने के लिए प्रदेशव्यापी जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।अभियान के तहत प्रदेश के सभी 70 विधानसभा इलाकों में मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। आयोग का उद्देश्य मतदान से पहले लोगों की शंकाओं को दूर करना और उन्हें मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूक बनाना है।
Uttarakhand News: 16 नवंबर से सभी जिला मुख्यालयों पर शुरू
आपको बता दें कि, मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की योजना के मुताबिक, 16 नवंबर से प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन कार्यालयों में ईवीएम डिमॉन्स्ट्रेशन सेंट्रल (ईडीसी) शुरू किए जाएंगे। इन केंद्रों पर मतदाताओं को ईवीएम के माध्यम से मतदान करने की पूरी प्रक्रिया समझाई जाएगी। यहां लोग मशीन की कार्यप्रणाली को करीब से देख सकेंगे और मतदान से जुड़ी अपनी शंकाओं का समाधान भी कर सकेंगे। आयोग ने इस अभियान को प्रभावी तरीके से संचालित करने के लिए सभी 13 जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।
Uttarakhand News: 70 विधानसभा क्षेत्रों में मोबाइल वैन?
ईवीएम जागरूकता अभियान को केवल जिला मुख्यालयों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। आयोग ने दूरस्थ गांवों, कस्बों और पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए मोबाइल डिमॉन्स्ट्रेशन वैन (एमडीवी) की व्यवस्था की है। ये विशेष वाहन 16 नवंबर से 15 दिसंबर तक प्रदेश के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे। इनके माध्यम से मतदाताओं को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की जानकारी दी जाएगी। आयोग की योजना है कि इस अवधि में अधिक से अधिक मतदाताओं तक पहुंचकर शत-प्रतिशत जागरूकता अभियान संचालित किया जाए।
प्रदेश में ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की पर्याप्त व्यवस्था

निर्वाचन आयोग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड के 13 जिलों में कुल 12,543 पोलिंग स्टेशन हैं। इन मतदान केंद्रों के लिए प्रदेश में 27,700 बैलेट यूनिट, 36,553 कंट्रोल यूनिट और 25,697 वीवीपैट मशीनें उपलब्ध हैं। चुनाव के दौरान मतदान प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए मशीनों की उपलब्धता और व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
चुनाव कराने के लिए 1.90 लाख से अधिक कर्मचारी उपलब्ध
चुनाव संपन्न कराने के लिए आयोग ने कर्मचारियों की उपलब्धता का आकलन भी किया है। अनुमान के मुताबिक, विधानसभा चुनाव के संचालन के लिए करीब 1,08,400 कर्मचारियों की आवश्यकता होगी। इसके मुकाबले राज्य सरकार, केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) को मिलाकर 1.90 लाख से अधिक कर्मचारी उपलब्ध हैं। ऐसे में चुनावी ड्यूटी के लिए पर्याप्त मानव संसाधन होने का दावा किया गया है।
मतदान दलों के लिए 13 हजार से अधिक वाहनों की व्यवस्था
चुनाव के दौरान मतदान दलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) के आवागमन के लिए परिवहन व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। आयोग के आकलन के मुताबिक, 3,319 बसों, 310 ट्रकों और 9,669 हल्के वाहनों की आवश्यकता होगी। इसके सापेक्ष पर्याप्त वाहनों की सूची तैयार कर ली गई है। इससे मतदान कर्मियों और सुरक्षा बलों को निर्धारित स्थानों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस महीने उत्तराखंड का दौरा कर सकती है चुनाव आयोग की टीम
चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए निर्वाचन आयोग की एक टीम इसी महीने उत्तराखंड का दौरा कर सकती है। पिछले महीने भी आयोग की एक टीम प्रदेश पहुंची थी। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास के मुताबिक, आगामी दौरे की तारीख अभी निर्धारित नहीं हुई है। प्रस्तावित दौरे के दौरान टीम चुनावी तैयारियों की समीक्षा करने के साथ मतदान केंद्रों का निरीक्षण भी करेगी। इस दौरान बूथों पर उपलब्ध सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य जरूरी इंतजामों का जायजा लिया जाएगा।
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