Uttarakhand News: हरिद्वार अर्धकुंभ की तैयारियों में केंद्र ने बढ़ाया हाथ, गेहूं-चावल के आवंटन से क्या बदलेगा?

हरिद्वार में अर्धकुंभ 2027 की तैयारियों के बीच केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को बड़ी मदद दी है। राज्य को 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित किया गया है। इसमें गेहूं और चावल की बराबर मात्रा शामिल है। आखिर इस आवंटन से मेले की व्यवस्थाओं को कितनी मजबूती मिलेगी?

हरिद्वार अर्धकुंभ की तैयारियों में केंद्र ने बढ़ाया हाथ

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 31, 2026

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Uttarakhand News: हरिद्वार में साल 2027 में प्रस्तावित अर्धकुंभ की तैयारियां तेज हो गई हैं, जिसके चलते उत्तराखंड सरकार भी लगातरा व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में जुटी हुई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है, राज्य को 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न आंवटित किया है। इस फैसले से मेले के दौरान खाद्य सामाग्री की भरपूर उपवलब्धता सुनिश्चित होगी और लोगों के लिए बेहत मददगार साबित होगी। आवंटित खाद्यान्न में गेंहू और चावल की मात्रा बराबर रखी गई है। केंद्र सरकार के इस कदम को अर्धकुंभ की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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गेहूं और चावल की 7,260-7,260 मीट्रिक टन खेप

बताते चलें कि, केंद्र सरकार की ओर से उत्तराखंड को कुल 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें 7,260 मीट्रिक टन गेहूं और 7,260 मीट्रिक टन चावल शामिल हैं। दोनों खाद्य पदार्थों का समान मात्रा में आवंटन किया गया है, ताकि मेले के दौरान जरूरत के अनुसार खाद्यान्न की उपलब्धता बनी रहे। अर्धकुंभ जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और अन्य लोगों के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में खाद्य सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता और वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित रखना प्रशासन के लिए अहम जिम्मेदारी होती है। अतिरिक्त खाद्यान्न मिलने से राज्य को इन आवश्यकताओं के लिए तैयारी करने में सहयोग मिलेगा।

राज्य सरकार ने केंद्र से मांगा था अतिरिक्त खाद्यान्न

अर्धकुंभ मेले की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से अतिरिक्त गेहूं और चावल आवंटित करने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार का उद्देश्य आयोजन के दौरान खाद्यान्न की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी तरह की बाधा को रोकना था।

राज्य के अनुरोध के बाद भारत सरकार के खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने अतिरिक्त खाद्यान्न का आवंटन किया है। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को जानकारी दी। केंद्र की ओर से मिली स्वीकृति से राज्य सरकार को अर्धकुंभ के लिए खाद्य सामग्री की व्यवस्था करने में मदद मिलेगी।

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आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

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हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले के दौरान खाद्यान्न की उपलब्धता के साथ-साथ उसके वितरण की व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी। अतिरिक्त आवंटन से राज्य सरकार को आयोजन की जरूरतों के अनुरूप खाद्य सामग्री का प्रबंधन करने में सहायता मिल सकती है। सरकार के सामने चुनौती यह रहेगी कि आवंटित गेहूं और चावल का उचित प्रबंधन किया जाए और जरूरत के मुताबिक उनकी उपलब्धता सुनिश्चित हो। इसके लिए आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना जरूरी होगा। केंद्र से मिला अतिरिक्त खाद्यान्न इसी दिशा में राज्य की तैयारियों को मजबूती देने वाला कदम है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का जताया आभार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अर्धकुंभ मेले के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटित किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इस आवंटन से मेले के दौरान खाद्य सामग्री की आपूर्ति और वितरण व्यवस्था को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस सहयोग को आयोजन की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण बताया। राज्य सरकार ने केंद्र से खाद्यान्न की मांग मेले की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए की थी। अब 14,520 मीट्रिक टन अतिरिक्त गेहूं और चावल मिलने से खाद्य सामग्री के प्रबंधन की तैयारियों को आगे बढ़ाया जा सकेगा।

अर्धकुंभ 2027 के लिए खाद्य व्यवस्था अहम

अर्धकुंभ 2027 के लिए खाद्य व्यवस्था अहम
अर्धकुंभ 2027 के लिए खाद्य व्यवस्था अहम

हरिद्वार में प्रस्तावित अर्धकुंभ मेले को देखते हुए उत्तराखंड सरकार के सामने व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने की चुनौती है। खाद्यान्न का अतिरिक्त आवंटन इसी तैयारी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस खाद्यान्न का किस तरह प्रबंधन करती है और मेले के दौरान आपूर्ति एवं वितरण व्यवस्था को कितना प्रभावी बना पाती है।

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