
Uttarakhand News: उत्तराखंड में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को खटीमा में आयोजित 14वें दिवाली मेले के दौरान प्रदेश के तीन जिलों में नए छठ पूजा घाट बनाने की घोषणा की। भारत विकास परिषद की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार धार्मिक स्थलों के विकास के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए लगातार काम कर रही है। इस पहल के तहत ऊधम सिंह नगर, देहरादून और चंपावत में छठ पूजा के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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खटीमा के दिवाली मेले में मुख्यमंत्री ने की घोषणा
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी खटीमा में भारत विकास परिषद द्वारा आयोजित 14वें दिवाली मेले में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं और सामाजिक संगठनों की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत विकास परिषद जैसे संगठन सेवा, संस्कार और सामाजिक एकता को बढ़ावा देने का काम करते हैं। ऐसे प्रयास समाज को जोड़ने के साथ सकारात्मक दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छठ पूजा के लिए नए घाटों के निर्माण और विकास की घोषणा की।
ऊधम सिंह नगर के आठ शहरों और कस्बों में बनेंगे घाट
मुख्यमंत्री ने बताया कि ऊधम सिंह नगर जिले के आठ स्थानों पर छठ पूजा के लिए कुल 20 नए घाट बनाए जाएंगे। इनमें काशीपुर, जसपुर, रुद्रपुर, बाजपुर, गदरपुर, सितारगंज, खटीमा और किच्छा शामिल हैं। इन स्थानों पर घाटों के निर्माण से छठ पर्व मनाने वाले श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में इन घाटों को विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को पूजा के लिए उपयुक्त स्थान मिल सके।
देहरादून और चंपावत में भी विकसित होंगे छठ पूजा स्थल

ऊधम सिंह नगर के अलावा देहरादून और चंपावत जिले में भी छठ पूजा से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। देहरादून के प्रेमनगर में टोंस नदी के दाएं किनारे और विकासनगर के बढ़वाला में यमुना नदी के तट पर छठ पूजा घाट बनाए जाएंगे। वहीं, चंपावत जिले के बनबसा में पहले से मौजूद छठ घाट को विकसित करने की घोषणा की गई है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग क्षेत्रों में रहने वाले श्रद्धालुओं को छठ पूजा के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
मानसखंड के धार्मिक स्थलों का होगा विकास
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि जिस तरह केदारखंड के धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, उसी तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों और धार्मिक स्थानों को भी विकसित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाएं बेहतर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का भी उल्लेख किया और कहा कि आपदा से प्रभावित इस धार्मिक नगरी को भव्य स्वरूप देने का काम आगे बढ़ा है।
गंगा और शारदा कॉरिडोर पर खर्च होंगे करीब 3,000 करोड़
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा कॉरिडोर तथा मां शारदा के तट पर शारदा कॉरिडोर का काम लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से आगे बढ़ रहा है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व वाले क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करना है। इसके साथ ही उन्होंने दून विश्वविद्यालय में स्थापित ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ का भी उल्लेख किया। इस केंद्र का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के अध्ययन को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

खटीमा में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, राज्यमंत्री गंभीर सिंह धामी, मोहनी पोखरिया, किशन सिंह, संतोष गौरव और नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम में महासचिव रमेश जोशी, जिला उपाध्यक्ष अमित कुमार पांडे, हिमांशु बिष्ट और जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया समेत अन्य अधिकारी भी शामिल हुए।
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