US Open Badminton : खिताब से चूके किदांबी श्रीकांत, फाइनल मुकाबले में मिली हार, दिल टूटा

यूएस ओपन बैडमिंटन के फाइनल में किदांबी श्रीकांत खिताब जीतने से चूक गए और उन्हें हार का सामना करना पड़ा। मुकाबले में क्या मोड़ आया, कौन सी गलतियां भारी पड़ीं और किस खिलाड़ी ने निर्णायक बढ़त बनाई, जानिए पूरे मैच का विश्लेषण और आगे की संभावनाएं।

US Open Badminton

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जून 29, 2026

US Open Badminton : यूएस ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला भारतीय शटलर किदांबी श्रीकांत के लिए निराशाजनक रहा। 33 वर्षीय अनुभवी खिलाड़ी श्रीकांत को खिताबी मुकाबले में चीनी ताइपे के युवा शटलर सू ली-यांग के हाथों हार का सामना करना पड़ा। एक घंटे से अधिक समय तक चले इस रोमांचक और थकाऊ संघर्ष में श्रीकांत ने पूरा जोर लगाया, लेकिन अंततः उन्हें 15-21, 21-16, 9-21 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 श्रीकांत का इस सीजन में अपना पहला खिताब जीतने का सपना फिलहाल अधूरा रह गया और उन्हें रनर-अप ट्रॉफी के साथ ही संतोष करना पड़ा। दूसरी ओर, सू ली-यांग के लिए यह जीत उनके करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब बनकर आई।

पहले गेम में अंपायर का निर्णय और लय की गड़बड़ी

मैच की शुरुआत काफी तीव्र रही। श्रीकांत ने खेल के शुरुआती पलों में अच्छी गति दिखाई, लेकिन एक छोटी सी तकनीकी गलती ने उनकी लय को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। नेट के ऊपर शॉट खेलने के दौरान श्रीकांत का रैकेट नेट की सीमा रेखा के पार चला गया, जिसे अंपायर ने फाउल करार दिया। इस अनफोर्स्ड गलती के बाद सू ली-यांग को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिली और उन्होंने लगातार अंक बटोरकर 7-2 की बढ़त बना ली। हालांकि, श्रीकांत ने जुझारूपन दिखाते हुए शानदार वापसी की और अगले 11 में से 8 अंक जीतकर स्कोर 10-10 पर बराबर कर दिया। मिड-गेम ब्रेक तक श्रीकांत 11-10 से मामूली आगे थे, लेकिन ब्रेक के बाद सू ने अपनी रैलियों की गति और सटीकता को बढ़ाया, जिससे श्रीकांत दबाव में आ गए। अंततः यह पहला गेम सू ने 21-15 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में श्रीकांत की जबरदस्त वापसी

दूसरे गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। 4-4 के स्कोर के बाद श्रीकांत ने अपनी आक्रामकता बढ़ाई और लगातार तीन अंक जीतकर 7-4 की बढ़त हासिल की। चीनी ताइपे के शटलर ने स्कोर 8-8 से बराबर जरूर किया, लेकिन श्रीकांत ने अपने बेहतरीन नेट प्ले (Net Play) का प्रदर्शन करते हुए ब्रेक तक 11-8 की बढ़त बना ली। ब्रेक के बाद सू ने कुछ दमदार स्मैश (Smash) लगाकर वापसी की कोशिश की, लेकिन श्रीकांत अपने धैर्य और रणनीति पर कायम रहे। उन्होंने स्कोर को 18-13 तक पहुँचाया और अंत में एक शानदार डाउन-द-लाइन स्मैश मारकर 21-16 से गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक तीसरे गेम में धकेल दिया।

तीसरे गेम में सू ली-यांग का एकतरफा दबदबा

निर्णायक गेम में सू ली-यांग पूरी तरह से हावी नजर आए। उन्होंने खेल की शुरुआत से ही बेहद आक्रामक रुख अपनाया और लगातार सटीक स्मैश मारकर 4-1 की बढ़त बना ली। श्रीकांत ने कुछ अच्छे शॉट्स खेलकर वापसी की उम्मीद जगाई, लेकिन वे लगातार गलतियां करते रहे, जिसका फायदा सू ने उठाया। ब्रेक तक चीनी ताइपे के खिलाड़ी 11-7 से आगे हो चुके थे। ब्रेक के बाद भी श्रीकांत लय वापस पाने में संघर्ष करते रहे और उनके शॉट्स लगातार कोर्ट से बाहर जा रहे थे। सू ने स्कोर को 15-7 और फिर 18-8 तक पहुँचा दिया। अंत में 12 चैंपियनशिप पॉइंट मिलने के बाद, सू ने एक अंक गंवाने के बावजूद अगली ही रैली में मुकाबला जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।

भविष्य की चुनौतियां और सीजन का सबक

इस हार के बावजूद, यह फाइनल किदांबी श्रीकांत के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहा, क्योंकि यह इस सीजन का उनका पहला फाइनल था। भले ही परिणाम उनके पक्ष में नहीं रहा, लेकिन उनका खेल यह दर्शाता है कि वे अभी भी विश्व स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा देने में सक्षम हैं। दूसरी ओर, सू ली-यांग की जीत युवा खिलाड़ियों के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है। श्रीकांत अब आगामी टूर्नामेंटों में अपनी गलतियों को सुधारकर वापसी करने का प्रयास करेंगे। भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों को आने वाले समय में श्रीकांत से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, क्योंकि वे लगातार अपने खेल में सुधार की ओर अग्रसर हैं।

Read more : Assam Flood 2026 : असम में बाढ़ का तांडव, पुल ढहे, हजारों लोग बेघर, फसलें पूरी तरह बर्बाद