
US Midterm Election : अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चुनाव नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल कर लिया है। इसके साथ ही रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से सदन का नियंत्रण निकल गया है। चुनाव परिणामों को ट्रंप के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हालांकि, राष्ट्रपति ने हार स्वीकार करते हुए डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई है।
ट्रंप ने स्वीकार की हार, डेमोक्रेट्स के साथ काम करने को तैयार
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह चुनाव मैदान में खुद उम्मीदवार के तौर पर नहीं उतरे थे। अगर वह बैलेट पर होते तो उनकी पार्टी भारी बहुमत से जीत हासिल करती। ट्रंप ने अमेरिकी मतदाताओं का धन्यवाद भी किया। एक समाचार चैनल से बातचीत में उन्होंने चुनाव नतीजों को स्वीकार करने की बात कही। साथ ही स्पष्ट किया कि वह डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इस चुनाव परिणाम को लेकर किसी तरह का पछतावा नहीं होने की बात भी कही।
सीनेट में डेमोक्रेट्स ने बनाई मजबूत बढ़त
भारतीय समयानुसार सुबह 10 बजे तक सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में 51 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि रिपब्लिकन पार्टी को 39 सीटें मिली थीं। डेमोक्रेट्स दो अन्य सीटों पर भी आगे चल रहे थे। अमेरिकी सीनेट में कुल 100 सदस्य होते हैं और प्रत्येक राज्य से दो सीनेटर चुने जाते हैं। इनका कार्यकाल छह साल का होता है। सदन में बहुमत के लिए 51 सीटों की आवश्यकता होती है। इन आंकड़ों ने रिपब्लिकन पार्टी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
प्रतिनिधि सभा में भी डेमोक्रेट्स का शानदार प्रदर्शन
हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के चुनाव में भी डेमोक्रेटिक पार्टी ने बढ़त बनाई। सुबह 10 बजे तक पार्टी 154 सीटों पर जीत दर्ज कर चुकी थी और 107 सीटों पर आगे थी। वहीं, रिपब्लिकन पार्टी ने 101 सीटें जीती थीं और 62 सीटों पर बढ़त बनाई हुई थी। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में कुल 435 सीटें हैं। बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 218 सीटों की जरूरत होती है। इस सदन के सदस्यों का कार्यकाल दो साल का होता है।
नॉर्थ कैरोलिना समेत कई राज्यों में डेमोक्रेट्स ने पलटी बाजी
डेमोक्रेटिक पार्टी ने कई ऐसे चुनावी क्षेत्रों में जीत दर्ज की, जहां लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का दबदबा था। नॉर्थ कैरोलिना का एक जिला, जिस पर 15 साल से ज्यादा समय से रिपब्लिकन का कब्जा था, वहां भी डेमोक्रेट्स ने जीत हासिल की। इसके अलावा पेंसिल्वेनिया, केंटकी और कोलोराडो में भी पार्टी को सफलता मिली। टेक्सास और फ्लोरिडा जैसे राज्यों में रिपब्लिकन पार्टी ने चुनावी क्षेत्रों का नए सिरे से निर्धारण किया था, लेकिन इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में डेमोक्रेट्स जीतने में कामयाब रहे।
महंगाई और ईरान युद्ध ने बढ़ाई ट्रंप की मुश्किलें
चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के पीछे महंगाई को एक बड़ा कारण माना जा रहा है। अमेरिकी मतदाताओं के लिए रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतें सबसे बड़ी चिंता बनी हुई थीं। इसके अलावा ईरान युद्ध और ट्रंप प्रशासन की ओर से लगाए गए टैरिफ का असर भी आम अमेरिकियों के खर्च पर पड़ा। गौरतलब है कि वर्ष 2023 से प्रतिनिधि सभा पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण था। लेकिन इस बार पार्टी अपनी मामूली बढ़त भी बचाने में नाकाम रही। अब सदन में डेमोक्रेट्स की वापसी से ट्रंप प्रशासन के सामने नई राजनीतिक चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं।











