US Iran Conflict : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी होर्मोजगान प्रांत से बड़ी खबर सामने आई है। ईरानी रेड क्रिसेंट के मुताबिक, सिरिक काउंटी के कुहेस्तक शहर में एक आवासीय मकान पर अमेरिकी मिसाइल हमले के बाद शादी समारोह में मौजूद लोगों पर मलबे और शेल के टुकड़े गिरे। इस घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक छोटा बच्चा भी शामिल है।
ईरानी रेड क्रिसेंट ने चार मौतों की पुष्टि की
रेड क्रिसेंट के अनुसार, जिस मकान को हमले में नुकसान पहुंचा, वहां उस समय शादी का कार्यक्रम चल रहा था। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। राहत एवं बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इससे पहले होर्मोजगान प्रांत के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने राज्य टेलीविजन को दो लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की जानकारी दी थी। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर चार बताई गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है सिरिक काउंटी
सिरिक काउंटी रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र में स्थित है, क्योंकि यह होर्मुज जलडमरूमध्य के करीब है। इस इलाके में सैन्य गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय आबादी के साथ-साथ समुद्री यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका है। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया टकराव में होर्मुज जलडमरूमध्य एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।
सेंटकॉम ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले की पुष्टि की
इसी बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी बलों ने 1 सितंबर को ईरानी सैन्य ठिकानों के खिलाफ हमलों की एक बड़ी लहर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। अमेरिकी सेना के अनुसार, इस अभियान में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC से जुड़ी कई रणनीतिक क्षमताओं को निशाना बनाया गया। हालांकि, शादी समारोह में हुई मौतों से जुड़े आरोपों पर अमेरिकी पक्ष की ओर से अलग से विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
एयर डिफेंस और रडार सिस्टम बने निशाना
सेंटकॉम के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में IRGC की एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संसाधन और सुविधाएं, बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमताएं तथा संचार केंद्र शामिल थे। अमेरिका का कहना है कि ये कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों और अमेरिकी सैन्यकर्मियों के खिलाफ IRGC की कथित गतिविधियों के जवाब में की गई।
मध्य पूर्व में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बताया कि मध्य पूर्व क्षेत्र में 50,000 से अधिक अमेरिकी सैन्यकर्मी तैनात हैं। सेंटकॉम ने कहा कि अमेरिकी बल पूरी तरह सतर्क हैं और जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई के लिए तैयार हैं। इस बयान से संकेत मिलता है कि क्षेत्र में सैन्य तनाव आने वाले दिनों में और बढ़ सकता है।
IRGC ने जॉर्डन के अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा किया
दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करने की जिम्मेदारी ली है। ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB के जरिए जारी बयान में IRGC ने इसे अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ शुरू किए गए कथित निर्णायक अभियान का हिस्सा बताया। ईरानी पक्ष के अनुसार, हमले में लंबी दूरी के RQ-4 और MQ-9 ड्रोन रखने वाले हैंगरों को निशाना बनाया गया।
ईरान ने ड्रोन और अमेरिकी कर्मियों को नुकसान का दावा किया
IRGC ने दावा किया कि मिसाइल हमले में कई अमेरिकी ड्रोन नष्ट हुए और कई अमेरिकी उड़ान एवं तकनीकी कर्मियों की मौत हुई। इसके अलावा एयरबेस के तकनीकी बुनियादी ढांचे के कुछ हिस्सों में आग लगने की बात भी कही गई। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है, इसलिए वास्तविक नुकसान का आकलन आधिकारिक और स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि के बाद ही स्पष्ट होगा।
बंदर अब्बास और चाबहार में भी धमाकों की खबर
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष के बीच ईरान के कई रणनीतिक इलाकों में धमाकों की खबरें सामने आई हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, होर्मुज के उत्तरी हिस्से में स्थित केशम द्वीप, बंदर अब्बास और चाबहार बंदरगाह के आसपास विस्फोट हुए। इन घटनाओं ने क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
पश्चिम एशिया में बढ़ता संघर्ष दुनिया के लिए चिंता
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दूसरे दिन सैन्य कार्रवाई की खबरों ने पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार के लिए चिंता का विषय है। शादी समारोह में नागरिकों की मौत की खबर और दोनों पक्षों के जवाबी हमलों के दावे स्थिति की गंभीरता को और बढ़ाते हैं। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच टकराव आगे किस दिशा में जाता है।
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