निखिल गुप्ता मामले में सजा की संभावना और अमेरिका की डिमांड पर अपडेट

न्यूयॉर्क खालिस्तानी आतंकवादी और अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश वाले मामले में एक बड़ा नाटकीय मोड़ आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी 54 साल के भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को अमेरिकी अदालत के समक्ष अपना गुनाह कबूल कर लिया है। यह कदम उनके पिछले रुख से बिल्कुल उलट है। जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण के बाद से वे लगातार खुद को निर्दोष बता रहे थे। निखिल गुप्ता ने अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के समक्ष तीन गंभीर आरोपों में अपना दोष स्वीकार किया है। उनके खिलाफ सुपारी देकर हत्या कराने, हत्या

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Published On :

फ़रवरी 14, 2026

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न्यूयॉर्क

खालिस्तानी आतंकवादी और अमेरिकी नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश वाले मामले में एक बड़ा नाटकीय मोड़ आया है। इस मामले के मुख्य आरोपी 54 साल के भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने शुक्रवार को अमेरिकी अदालत के समक्ष अपना गुनाह कबूल कर लिया है। यह कदम उनके पिछले रुख से बिल्कुल उलट है। जून 2024 में चेक गणराज्य से प्रत्यर्पण के बाद से वे लगातार खुद को निर्दोष बता रहे थे। निखिल गुप्ता ने अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के समक्ष तीन गंभीर आरोपों में अपना दोष स्वीकार किया है।

उनके खिलाफ सुपारी देकर हत्या कराने, हत्या की साजिश रचने और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश रचने का आरोप है। उन्होंने इन तीनों में दोष कबूल कर लिया है। कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि अभियोजकों द्वारा जुटाए गए पुख्ता सबूतों के कारण निखिल गुप्ता के पास अपना गुनाह कबूल करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था।

इस मामले की सुनवाई 30 मार्च से शुरू होने वाली थी, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक संचार और वायरटैप की गई बातचीत पेश की जानी थी। इन रिकॉर्डिंग्स में कथित तौर पर निखिल गुप्ता को एक हिटमैन के साथ 1,00,000 डॉलर की सुपारी पर बातचीत करते हुए सुना गया था।

अपना गुनाह कबूल करने के बाद अब निखिल गुप्ता एक हाई-प्रोफाइल ट्रायल से बच जाएंगे, जिसमें उन्हें अधिकतम 40 साल की सजा हो सकती थी। हालांकि सजा का अंतिम निर्णय न्यायाधीश के विवेक पर निर्भर करेगा, लेकिन अमेरिकी सरकार ने गुप्ता के लिए 21 से 24 साल की कैद की सिफारिश की है। सीनियर जिला जज विक्टर मरेरो आने वाले महीनों में सजा सुनाने के लिए औपचारिक सुनवाई की तारीख तय करेंगे।

इस पूरी साजिश के केंद्र में भारत की खुफिया एजेंसी रॉ (RAW) के पूर्व अधिकारी विकास यादव का नाम भी उछला है। अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि यादव ने ही पन्नू की हत्या के समन्वय के लिए गुप्ता को भर्ती किया था। साल 2024 के अंत में यादव के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन वे फिलहाल भारत में हैं।

भारत सरकार ने पुष्टि की है कि विकास यादव अब सरकारी सेवा में नहीं हैं, लेकिन उनके प्रत्यर्पण को लेकर फिलहाल कोई सहमति नहीं जताई गई है। भारत की आंतरिक जांच समिति ने स्वीकार किया है कि उक्त अधिकारी के आपराधिक लिंक थे, लेकिन साथ ही स्पष्ट किया कि इसमें सरकार की कोई भूमिका नहीं थी।
कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?

गुरपतवंत सिंह पन्नू 'सिख फॉर जस्टिस' (SFJ) नामक संगठन का जनरल काउंसल है, जो अमेरिका में सक्रिय है। हाल के महीनों में पन्नू ने भारत विरोधी गतिविधियों को तेज किया है, जिसमें अमेरिकी शहरों में खालिस्तान जनमत संग्रह आयोजित करना, एयर इंडिया के बहिष्कार के वीडियो जारी करना और भारत विरोधी हरकतों के लिए इनामों की घोषणा करना शामिल है। इन गतिविधियों के कारण भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने पन्नू के खिलाफ आतंकवाद से संबंधित नए मामले दर्ज किए हैं।

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