Weather Update: उत्तर प्रदेश में मानसून अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 35 जिलों में बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में बुधवार को भी बादल छाए रहे और कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में लगातार कमी आने की संभावना है।
Weather Update: मानसून की विदाई से पहले बारिश का जोर, दिल्ली-पंजाब समेत कई
अगले कुछ दिनों में बारिश पर लगेगा ब्रेक
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, प्रदेश में बारिश का मौजूदा दौर अब धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 20 सितंबर से बारिश की गतिविधियों में स्पष्ट कमी आने के संकेत हैं। वहीं, 22 सितंबर से पूरे प्रदेश में मौसम के शुष्क होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम में बदलाव के इस दौर के दौरान कुछ इलाकों में स्थानीय स्तर पर बादल छाने और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
मानसूनी द्रोणी बनी बारिश की वजह

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक वर्तमान मौसमी परिस्थितियों के पीछे मानसूनी द्रोणी की अहम भूमिका है। यह द्रोणी सौराष्ट्र और उससे जुड़े उत्तर-पूर्वी अरब सागर में बने निम्न दबाव क्षेत्र से शुरू होकर बीकानेर, चूरू, बरेली, गोरखपुर, पटना, रांची और कोलकाता होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इस मौसमी सिस्टम के कारण अरब सागर से नमी लगातार उत्तर प्रदेश की ओर पहुंच रही है। नमी और स्थानीय मौसमी परिस्थितियों के मेल से पूर्वांचल और दक्षिणी हिस्सों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है।
पूर्वी यूपी में अगले 24 घंटे बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन की संभावना है। दक्षिणी जिलों में भी मौसम सक्रिय रह सकता है। बारिश के दौरान बिजली चमकने और वज्रपात की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों पर जाने और पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की जरूरत है।
19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी के संकेत
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। करीब 19 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे अन्य क्षेत्रों से भी पीछे हट सकता है। मानसून की वापसी के साथ उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम होने और तापमान में धीरे-धीरे बदलाव आने की संभावना है।
किसानों के लिए मौसम का बदलना महत्वपूर्ण
मानसून की वापसी खेती-किसानी के लिहाज से भी अहम है। खरीफ फसलों के लिए बारिश का समय और मात्रा दोनों महत्वपूर्ण होते हैं। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बनी हुई है, जबकि कम बारिश वाले इलाकों में किसान अभी भी मानसून पर निर्भर हैं। ऐसे में आने वाले दिनों का मौसम कृषि कार्यों और फसलों की स्थिति पर असर डाल सकता है।
इन जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर तथा आसपास के क्षेत्रों में मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई गई है।










