UP Weather Havoc: उत्तर प्रदेश में मौसम ने शुक्रवार को ऐसा रौद्र रूप दिखाया कि पूरा प्रदेश तबाही की चपेट में आ गया। तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन पुल ढहने, कच्चे मकानों के गिरने और पेड़ उखड़ने से अब तक 16 लोगों की अकाल मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग घायल हैं। मौसम विभाग ने सभी 75 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, जबकि 12 जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट घोषित किया गया है।
गाड़ियां बहीं और पर्यटकों की गई जान
बताते चले कि, सहारनपुर जिले में शुक्रवार तड़के भारी बारिश के बाद पहाड़ी नालों का जलस्तर अचानक बढ़ गया। स्थिति इतनी भयावह थी कि पानी के तेज बहाव में इनोवा कार और ट्रैक्टर सहित करीब 10 वाहन तिनके की तरह बह गए। इस त्रासदी में दो पर्यटकों की दर्दनाक मौत हो गई। शाकम्भरी देवी क्षेत्र में ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं ने भारी तबाही मचाई है, जहां प्रशासन का रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
हमीरपुर में निर्माण कार्य के दौरान बड़ा हादसा
आपको बता दे कि, हमीरपुर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है, जहां बेतवा नदी पर बन रहे एक निर्माणाधीन पुल का स्लैब तड़के करीब 3 बजे तेज आंधी के कारण भरभराकर गिर गया। मलबे में दबने से 6 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, घटना के समय मजदूर नीचे काम कर रहे थे। मौके पर जेसीबी की मदद से युद्धस्तर पर राहत कार्य चलाकर अन्य दबे हुए लोगों की तलाश की जा रही है।
कौशांबी और अन्य जिलों में आकाशीय बिजली व मलबे का तांडव
कुदरत के इस कहर ने कई परिवारों के चिराग बुझा दिए। कौशांबी के पूरब शरीरा गांव में आंधी के दौरान नीम का पेड़ कच्चे मकान पर गिरने से मां, बेटे और बेटी की दबकर जान चली गई। वहीं, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, फतेहपुर और सिराथू में आकाशीय बिजली गिरने और छप्पर गिरने से कई लोगों की असमय मृत्यु हुई। अयोध्या के प्राचीन दुर्गा मंदिर पर बिजली गिरने से प्रतिमाएं भी खंडित हो गईं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश और दुख है।
प्रदेश भर में जनजीवन प्रभावित
राजधानी लखनऊ से लेकर प्रयागराज, वाराणसी और झांसी तक पेड़ों और बिजली के खंभों के गिरने से आवागमन ठप हो गया है। वाराणसी में बीएचयू ट्रामा सेंटर के बाहर जलभराव के कारण मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, जालौन में हाईटेंशन लाइन का खंभा गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आ रही नम हवाओं और पश्चिमी विक्षोभ के कारण यह स्थिति बनी है। 1 जून तक आंधी और बारिश का यह दौर जारी रहने की आशंका है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिए राहत कार्य के निर्देश
इस भीषण प्राकृतिक आपदा का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। उन्होंने सभी प्रभावित जिलों के अधिकारियों को तत्काल फील्ड में उतरकर युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों को बेहतर उपचार और नुकसान के आकलन के बाद पीड़ितों को हर संभव सरकारी सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।










