UP Weather: मानसून की विदाई शुरू, 17 सितंबर को फिर झमाझम बारिश के आसार

उत्तर प्रदेश में मानसून की विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार 17 सितंबर को मेरठ समेत पश्चिमी यूपी में अच्छी बारिश हो सकती है। अगले 48 घंटे बारिश बढ़ने के आसार हैं, जबकि 19 सितंबर से पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क होने लगेगा। इस बार प्रदेश में बारिश सामान्य से सिर्फ 3% कम रही।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 15, 2026

UP Weather:  उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की झमाझम बारिश के बाद अब इसकी विदाई की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में अगले 48 घंटे तक बारिश की गतिविधियों में हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 17 सितंबर को एक बार फिर अच्छी बारिश होने के आसार हैं। हालांकि इसके बाद मानसूनी गतिविधियों में लगातार कमी आने लगेगी और 19 सितंबर से पश्चिमी यूपी में मौसम के शुष्क होने की संभावना है।

48 घंटे बाद मानसूनी बारिश में आएगी कमी

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लखनऊ के अमौसी स्थित यूपी-उत्तराखंड मौसम मुख्यालय के अनुसार फिलहाल प्रदेश में कोई बड़ा सक्रिय मौसम तंत्र नहीं बना हुआ है। हालांकि अरब सागर से लगातार आ रही नमी के कारण अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इसके बाद बारिश का सिलसिला धीरे-धीरे कमजोर होगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि 19 सितंबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क होने की दिशा में बढ़ सकता है।

बंगाल की खाड़ी के निम्न दबाव का असर कमजोर

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र पिछले 72 घंटों में मध्य भारत से गुजर चुका है और फिलहाल दक्षिण-पूर्वी राजस्थान तथा उससे सटे गुजरात के ऊपर केंद्रित है। मानसून की ट्रफलाइन अपनी सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर खिसकी हुई है, जबकि इसका पूर्वी छोर सामान्य स्थिति के आसपास बना हुआ है। किसी बड़े सक्रिय सिस्टम के नहीं होने के बावजूद वातावरण में मौजूद नमी के कारण कुछ इलाकों में सीमित और छिटपुट बारिश जारी रहने की संभावना है।

यूपी में सामान्य के करीब रही मानसूनी बारिश

इस मानसून सीजन में उत्तर प्रदेश में अब तक कुल 666 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई है। सामान्य तौर पर इस अवधि में प्रदेश में 685.7 मिलीमीटर वर्षा होती है। इस लिहाज से इस बार बारिश सामान्य से सिर्फ 3 प्रतिशत कम रही है। यानी कुल मिलाकर प्रदेश में मानसून की स्थिति सामान्य के काफी करीब बनी हुई है। हालांकि पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आंकड़ों में अंतर साफ नजर आ रहा है।

वेस्ट यूपी में सामान्य से ज्यादा बारिश

पश्चिमी उत्तर प्रदेश इस बार मानसून की बारिश से ज्यादा भीगा है। यहां सामान्य 628 मिलीमीटर के मुकाबले अब तक 663.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। यानी वेस्ट यूपी में सामान्य से करीब 6 प्रतिशत ज्यादा वर्षा हुई है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश में 667.5 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई, जो सामान्य 726.9 मिलीमीटर के मुकाबले करीब 8 प्रतिशत कम है। इस तरह पश्चिमी और पूर्वी यूपी के बीच बारिश का अंतर स्पष्ट बना हुआ है।

विदाई से पहले मेरठ समेत वेस्ट यूपी में फिर बारिश

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मेरठ समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मानसून विदाई से पहले एक बार फिर बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक 17 सितंबर तक क्षेत्र में अच्छी बारिश के आसार बने हुए हैं। मंगलवार देर रात से ही बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इससे पहले भी पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और बौछारों का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद 19 सितंबर से राजस्थान की ओर से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की प्रक्रिया शुरू होने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।

मेरठ में तापमान सामान्य से थोड़ा ऊपर

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को मेरठ में अधिकतम तापमान 34.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार की तुलना में दिन के तापमान में 0.9 डिग्री और रात के तापमान में 0.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हुई। इसके बावजूद दिन और रात का तापमान सामान्य से क्रमश: 0.2 और 1.1 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान सामान्य के आसपास बना रह सकता है।

मेरठ की हवा संतोषजनक श्रेणी में

बारिश और मौसम में बदलाव के बीच मेरठ की वायु गुणवत्ता फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है। सोमवार को शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई 61 दर्ज किया गया। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में बारिश और हवाओं के कारण वातावरण में मौजूद धूल-कणों में कमी आ सकती है। हालांकि मानसून की विदाई के साथ मौसम के मिजाज में धीरे-धीरे बदलाव देखने को मिलेगा और तापमान में भी आगे उतार-चढ़ाव की संभावना बनी रहेगी।