Weather Update: उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कों पर जलभराव, नदियों का बढ़ता जलस्तर और बाढ़ जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राज्य के 46 जिलों में बारिश और खराब मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
UP Weather Update: लखनऊ समेत यूपी में बारिश का तांडव, घरों में घुसा पानी;
कुशीनगर में तटबंध टूटा, गांवों की ओर बढ़ा पानी
कुशीनगर जिले में देर रात नारायणी नदी का जलस्तर बढ़ने से तमकुहीराज तहसील क्षेत्र में स्थित एपी तटबंध टूट गया। तटबंध टूटने के बाद आसपास के गांवों की ओर तेजी से पानी फैलने लगा, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत दल मौके पर पहुंच गए। फिलहाल किसी प्रकार की जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सामान्य से कई गुना अधिक दर्ज हुई बारिश
राहत आयुक्त के अनुसार 25 सितंबर से 27 सितंबर की सुबह तक प्रदेश में औसतन 66.5 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा केवल 7.6 मिलीमीटर होती है। इस तरह प्रदेश में सामान्य से लगभग 775 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। राज्य के 75 जिलों में से 56 जिलों में अत्यधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो फर्रुखाबाद, कन्नौज, शाहजहांपुर, हमीरपुर और महोबा जैसे जिलों में सामान्य से कई हजार प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिसने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
बारिश और आंधी से जान-माल का भारी नुकसान

पिछले लगभग 60 घंटों के दौरान हुई तेज बारिश और आंधी-तूफान से प्रदेश में व्यापक नुकसान हुआ है। राहत विभाग के मुताबिक अब तक 56 लोगों की मौत, 107 पशुओं की मौत और 1021 मकानों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। इसके अलावा 46 लोग घायल हुए हैं।
सबसे अधिक जनहानि सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, बलरामपुर, अयोध्या और गोरखपुर जिलों में दर्ज की गई है। वहीं हरदोई, मैनपुरी, श्रावस्ती और बाराबंकी में कई लोग घायल हुए हैं। पशुहानि के मामलों में हरदोई, सीतापुर, कन्नौज, बहराइच, कानपुर देहात और उन्नाव सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं। मकानों को हुए नुकसान में हरदोई, सीतापुर, चंदौली, औरैया, गोंडा, हमीरपुर, शाहजहांपुर और बहराइच प्रमुख हैं।
राहत और बचाव कार्य तेज करने के निर्देश
प्रदेश सरकार ने सभी जिलाधिकारियों, अपर जिलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को फील्ड में रहकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और आर्थिक सहायता का वितरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही मौसम को लेकर लोगों को समय-समय पर चेतावनी देने और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फसल और मकान क्षति का होगा सर्वे
राहत आयुक्त ने कृषि विभाग और जिला प्रशासन को फसलों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं ताकि पात्र किसानों को जल्द मुआवजा मिल सके। जिन परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने और जरूरत पड़ने पर सरकारी आवास योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के भी निर्देश जारी किए गए हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने और मौसम से जुड़े आधिकारिक अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। आने वाले दिनों में भी कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई गई है, इसलिए लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
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