UP SIR ने बढ़ाई BJP की टेंशन! बूथ स्तर तक तय की जिम्मेदारी, केंद्रीय नेतृत्व ने निगरानी के लिए बनाई टीम

उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने से राजनीतिक हड़कंप मच गया है। लखनऊ, गाजियाबाद और कानपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में 30% तक वोटर कम हुए हैं, जिसे भाजपा का पारंपरिक गढ़ माना जाता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीएम योगी और केंद्रीय नेतृत्व ने निगरानी तेज कर दी है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जनवरी 10, 2026

UP SIR: उत्तर प्रदेश मतदाता सूची की एसआईआर में शहरी क्षेत्रों में सबसे ज्यादा वोटर कटने से भारतीय जनता पार्टी की चिंता बढ़ गई है।देश के 12 राज्यों के एसआईआर में अबतक सबसे ज्यादा 2.89 करोड़ वोटर यूपी में कटे हैं जो सर्वाधिक हैं इनमें सबसे ज्यादा शहरी वोटर शामिल हैंजो बीजेपी के गढ़ के हैं।हालांकि वोटर लिस्ट में नाम कटने के बाद भी लोगों को आपत्ति दर्ज कराने और नाम जुड़वाने का मौका दिया जा रहा है जिससे सही और पारदर्शी वोटर लिस्ट बनाई जा सके।

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यूपी SIR ने बढ़ाई भाजपा की टेंशन

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वोटर लिस्ट में ‘महाकटौती’

सूत्रों की मानें तो बीजेपी आलाकमान ने यूपी एसआईआर लिस्ट आने के बाद कमान अपने हाथों में ले ली है।बीजेपी शीर्ष नेतृत्व ने यूपी से राज्यसभा सांसद के.लक्ष्मण को तैनात कर दिया है साथ ही हर दिन की बूथ वार रिपोर्ट को केंद्रीय बीजेपी को भेजने का निर्देश दिया है।मंगलवार को चुनाव आयोग द्वारा आई ड्राफ्ट लिस्ट के बाद हड़कंप मचा है जहां 2.89 करोड़ वोटर के नाम काट दिए गए।

केंद्रीय नेतृत्व ने बूथ स्तर तक तय की पदाधिकारियों की जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ,प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन मंत्री धर्मपाल ने पार्टी नेताओं के साथ वर्चुअली बैठक की जिसमें सभी सांसद,विधायक,मंत्री,संगठन के नेता,एमएलसी और जिलाध्यक्ष शामिल हुए थे।भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और प्रदेश नेतृत्व का एसआईआर पर शुरु से फोकस रहा है जिसको लेकर पार्टी की ओर से कई कार्यशालाएं और बैठकें आयोजित की गईं।

CM योगी खुद SIR पर हुए बेहद चिंतित

प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक पार्टी पदाधिकारियों,मंत्रियों,विधायकों,सांसदों की जिम्मेदारी तय की गई उसके बावजूद बड़ी संख्या में मतदाता कम होने पर केंद्रीय नेतृत्व ने अब अपनी चिंता जताई है।खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार इसको लेकर अपनी चिंता जाहिर कर चुके हैं।सीएम योगी ने इससे पहले बैठक में कई ऐसी विधानसभाओं के नाम गिनाए थे जिनमें सबसे ज्यादा वोटरों के नाम कटे हैं।इनमें लखनऊ कैंट,उत्तरी,दक्षिणी के अलावा अयोध्या की मिल्कीपुर विधानसभा सीट,आगरा की दक्षिणी और लखीमपुर समेत कई विधानसभाएं सीट शामिल थी।

लखनऊ में सबसे ज्यादा 30% कटे वोटरों के नाम

आपको बता दें कि,एसआईआर के तहते यूपी में सबसे ज्यादा वोट 30 प्रतिशत लखनऊ में कटे हैं।इसके अलावा गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत,कानपुरनगर में 25.98 प्रतिशत,बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत,मेरठ में 24.65 प्रतिशत,प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत,गौतमबुद्ध नगर में 23.25 प्रतिशत हापुड़ में 22 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

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