UP SIR Final Voter List 2026: उत्तर प्रदेश में लगभग साढ़े पांच महीने तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) के बाद आज अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। इस सूची को औपचारिक रूप से प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा प्रकाशित किया जाएगा। यह मतदाता सूची आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
इस बार का पुनरीक्षण अभियान कई दृष्टिकोणों से खास रहा है। इसमें बड़े स्तर पर मतदाताओं का सत्यापन, आपत्तियों का निस्तारण और नए पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी की गई है। इसी कारण अंतिम सूची में मतदाताओं की संख्या और उनका स्वरूप पहले की तुलना में काफी बदला हुआ दिखाई देगा। अनुमान है कि इस बार प्रदेश में कुल लगभग 13.35 करोड़ मतदाता शामिल होंगे।
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पिछली सूची की तुलना में घट सकती है संख्या
अगर इस संख्या की तुलना वर्ष 2025 की मतदाता सूची से करें, तो करीब दो करोड़ मतदाता कम हो सकते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण मृतक, स्थान बदल चुके, डुप्लीकेट और अप्रमाणित मतदाताओं के नाम हटाना है। इस अभियान के दौरान सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया।
यह पुनरीक्षण प्रक्रिया पिछले वर्ष 27 अक्टूबर से शुरू हुई थी और चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाई गई। छह जनवरी को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में कुल 15.44 करोड़ मतदाताओं में से 2.89 करोड़ नाम हटा दिए गए थे। इसके बाद ड्राफ्ट सूची में 12.55 करोड़ मतदाता ही रह गए थे। इस पर प्राप्त दावों और आपत्तियों के आधार पर विस्तृत सुनवाई की गई और आवश्यक संशोधन किए गए।
पुराने रिकॉर्ड और विसंगतियों की जांच
पुनरीक्षण के दौरान वर्ष 2003 की मतदाता सूची से जुड़े लगभग 1.04 करोड़ मतदाताओं के रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हो पाए। इसके अलावा 2.22 करोड़ ऐसे मामले सामने आए, जिनमें तार्किक विसंगतियां पाई गईं। इन सभी मामलों की गहन जांच की गई और संबंधित व्यक्तियों को अपने दस्तावेज प्रस्तुत करने का मौका दिया गया।
हालांकि, जो लोग तय समयसीमा के भीतर आवश्यक प्रमाण उपलब्ध नहीं करा सके, उनके नाम अंतिम सूची से हटा दिए गए। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाना था।
नए मतदाताओं की बड़ी संख्या शामिल
इस अभियान के दौरान नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए भी बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए। 27 अक्टूबर से 6 मार्च के बीच करीब 86.69 लाख लोगों ने फार्म-6 भरकर नए मतदाता बनने के लिए आवेदन किया। वहीं, लगभग 3.18 लाख लोगों ने फार्म-7 के माध्यम से अपने या अन्य के नाम हटाने के लिए आवेदन दिया।
इन सभी आवेदनों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची में नए मतदाताओं की भी बड़ी संख्या शामिल की गई है, जिससे मतदाता आधार में नई ऊर्जा और बदलाव देखने को मिलेगा।
चुनावी तैयारियों को मिलेगी रफ्तार
अंतिम मतदाता सूची के जारी होते ही आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां भी तेज हो जाएंगी। यही सूची मतदान प्रक्रिया का आधार बनेगी और सभी राजनीतिक दल अपनी रणनीति इसी के अनुसार तैयार करेंगे।
प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजर अब इस सूची पर टिकी हुई है, क्योंकि इसमें हुए बदलाव सीधे तौर पर बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और चुनावी समीकरणों को प्रभावित करेंगे। कुल मिलाकर, यह अंतिम मतदाता सूची प्रदेश की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाली है।










