India US Relations : जयशंकर-रुबियो की मुलाकात में रूस-ईरान प्रतिबंधों पर चर्चा, भारत ने सामने रखे अपने हित

न्यूयॉर्क में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की मुलाकात में भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने रूस और ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रतिबंध कानून को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। दोनों ने खाड़ी और यूक्रेन की स्थिति पर भी बात की।

India US Relations

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 23, 2026

India US Relations : संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान न्यूयॉर्क में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच अहम बैठक हुई। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने, क्षेत्रीय परिस्थितियों और आगामी बहुपक्षीय कार्यक्रमों को लेकर आपसी समन्वय मजबूत करने पर चर्चा की। बैठक के बाद रुबियो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि दोनों देश रणनीतिक संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत की चिंताओं से अमेरिका को कराया अवगत

बैठक के बाद एस. जयशंकर ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बातचीत की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ चर्चा के दौरान Sanctioning Russia and Iran Act यानी SRIA को लेकर भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया गया। भारत इस प्रस्तावित कानून के संभावित प्रभावों को लेकर अपनी स्थिति अमेरिका के सामने रखता रहा है।

रूस और ईरान से जुड़े प्रतिबंधों पर चर्चा

अमेरिका में प्रस्तावित SRIA में रूस और ईरान से जुड़े मामलों पर कड़े आर्थिक कदम उठाने का प्रावधान बताया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्ताव में रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े खरीदारों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का प्रावधान शामिल है। ऐसे कदमों का असर उन देशों पर पड़ सकता है, जो रूस के साथ ऊर्जा और अन्य क्षेत्रों में व्यापार करते हैं। भारत ने इस संदर्भ में अपने राष्ट्रीय हितों और ऊर्जा जरूरतों को लेकर अपनी चिंताएं स्पष्ट की हैं।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत का प्रतिनिधित्व

विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचे थे। वह संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जयशंकर 26 सितंबर को महासभा की सामान्य बहस को संबोधित करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने कई देशों के विदेश मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की है।

भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी पर जोर

जयशंकर और रुबियो की बातचीत में भारत-अमेरिका संबंधों को आगे बढ़ाना प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। दोनों पक्षों के बीच क्षेत्रीय परिस्थितियों, वैश्विक घटनाक्रम और आगामी बहुपक्षीय कार्यक्रमों को लेकर समन्वय पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के संबंधों में व्यापार, ऊर्जा, सुरक्षा, तकनीक और रणनीतिक सहयोग जैसे विषय लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं।

फ्रांस, इटली और अन्य देशों से भी बातचीत

जयशंकर ने न्यूयॉर्क में फ्रांस, यूक्रेन, इटली, स्विट्जरलैंड और इक्वाडोर सहित कई देशों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। फ्रांस के विदेश मंत्री के साथ बातचीत में यूक्रेन और खाड़ी क्षेत्र की स्थिति के अलावा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार जैसे मुद्दे उठे। वहीं इटली के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री एंटोनियो तजानी के साथ खाड़ी क्षेत्र, IMEC और यूक्रेन की स्थिति पर चर्चा हुई।

रक्षा, AI और ऊर्जा सहयोग पर चर्चा

एंटोनियो तजानी ने भारत और इटली के बीच रणनीतिक साझेदारी को रक्षा, सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण तकनीक और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ाने की बात कही। इससे दोनों देशों के बीच विभिन्न रणनीतिक और तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग की दिशा को लेकर संकेत मिले हैं।

ग्लोबल साउथ के सहयोग पर भारत का जोर

जयशंकर ने न्यूयॉर्क में ग्लोबल साउथ देशों की बैठक में भी हिस्सा लिया। उन्होंने बढ़ते वैश्विक तनाव, व्यापारिक दबाव, सप्लाई चेन की चुनौतियों और जलवायु संकट के बीच विकासशील देशों के बीच आर्थिक, तकनीकी और पर्यावरणीय सहयोग बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने बहुपक्षीय व्यवस्था में सुधार और वैश्विक निर्णय प्रक्रिया में विकासशील देशों की भूमिका मजबूत करने पर भी जोर दिया।

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