UP Power Blackout Mock Drill: उत्तर प्रदेश में ब्लैकआउट मॉक ड्रिल, आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का अभ्यास

उत्तर प्रदेश में किसी बड़े तकनीकी संकट या साइबर हमले के कारण होने वाले 'ब्लैकआउट' से निपटने के लिए आज प्रदेशव्यापी मॉक ड्रिल की गई। अधिकारियों ने कृत्रिम रूप से ग्रिड को बंद कर 'ब्लैक स्टार्ट' तकनीक से दोबारा बिजली बहाल की। क्या यूपी का पावर ग्रिड भविष्य के खतरों के लिए पूरी तरह तैयार है?

UP Power Blackout Mock Drill

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 23, 2026

UP Power Blackout Mock Drill: उत्तर प्रदेश में शुक्रवार शाम ठीक 6 बजे अचानक सभी घरों, बाजारों और सरकारी इमारतों की लाइटें बंद हो गईं। चारों ओर अंधेरा छा गया और सायरन की आवाज गूंजने लगी। दरअसल, यह कोई वास्तविक संकट नहीं बल्कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित ब्लैकआउट मॉक ड्रिल थी। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन हालात, आपदा या युद्ध जैसी परिस्थितियों में प्रशासन और आम जनता की तैयारियों को परखना था। अंधेरा होते ही कई लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और छतों पर जाकर हालात को समझने की कोशिश करने लगे।

सायरन और अंधेरे से कुछ देर तक लोग रहे असमंजस में

ब्लैकआउट शुरू होते ही तेज सायरन बजने लगे, जिससे कई लोग घबरा गए और कुछ समझ ही नहीं पाए कि आखिर हो क्या रहा है। करीब 10 मिनट तक पूरे इलाके में यही स्थिति बनी रही। प्रशासन की ओर से पहले से लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे, फिर भी यह अनुभव आम लोगों के लिए अलग और चौंकाने वाला रहा। इस दौरान लोगों से घरों के भीतर रहने और किसी भी तरह की रोशनी का इस्तेमाल न करने की अपील की गई थी।

बरेली में सख्त निगरानी, बाजार और चौराहे रहे बंद

यूपी के कई जिलों से ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की तस्वीरें और वीडियो सामने आए। बरेली जिले में कलेक्ट्रेट, बाजार और रिहायशी इलाकों में पूरी तरह अंधेरा रहा। चौराहों पर ट्रैफिक पूरी तरह रोक दिया गया और सड़कों पर सिर्फ पुलिस बल नजर आया। प्रशासन ने मोबाइल फ्लैश, टॉर्च और यहां तक कि धूम्रपान पर भी पूरी तरह रोक लगा दी थी। सिविल डिफेंस और आपात सेवाएं पूरी तरह अलर्ट मोड में रहीं।

फायर ब्रिगेड ने आग बुझाने का किया अभ्यास

ब्लैकआउट के साथ-साथ फायर ब्रिगेड टीमों ने भी कई इलाकों में आग लगाकर मॉक ड्रिल की। इसका मकसद यह जांचना था कि किसी संकट की स्थिति में आग लगने पर उसे कितनी तेजी और कुशलता से नियंत्रित किया जा सकता है। बरेली के कई क्षेत्रों में फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और स्टाफ तैनात रहे और राहत-बचाव कार्यों का अभ्यास किया गया।

अंबेडकरनगर और फिरोजाबाद में भी हुआ अभ्यास

अंबेडकरनगर और फिरोजाबाद जिलों में भी शाम 6 बजे से 6 बजकर 10 मिनट तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल की गई। फिरोजाबाद के पीडी जैन इंटर कॉलेज के खेल मैदान और आसपास के इलाकों में ब्लैकआउट के साथ राहत एवं बचाव से जुड़ी गतिविधियों का अभ्यास किया गया। इसका उद्देश्य संभावित हवाई हमले या आपदा की स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना था।

लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी ने खुद देखा अभ्यास

राजधानी लखनऊ में पुलिस लाइन में आयोजित मॉक ड्रिल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं मौजूद रहे। यहां 10 मिनट के लिए बिजली सप्लाई बंद रखी गई। सायरन बजते ही अभ्यास कर रही टीमों को जमीन पर लेटने का संकेत दिया गया और सभी ने तुरंत उसका पालन किया। मौके पर स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस, SDRF और NDRF की टीमें भी तैनात रहीं।

क्या है ब्लैकआउट मॉक ड्रिल का उद्देश्य

ब्लैकआउट मॉक ड्रिल एक ऐसा अभ्यास है, जिसमें जानबूझकर बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, युद्ध या दुश्मन के हवाई हमले जैसी स्थितियों में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। इतिहास गवाह है कि युद्धकाल में ब्लैकआउट ने लाखों जानें बचाई हैं। आज के समय में भी यह अभ्यास प्रशासन और जनता की तैयारियों का वास्तविक आकलन करने का एक अहम जरिया माना जाता है।