
UP Politics: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक चुनौतियों के प्रति सचेत किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि समाज को जाति के नाम पर बांटने वाली ताकतों से सतर्क रहने की जरूरत है।
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‘बटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं’ का आह्वान

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि समाज में विखंडन पैदा करने वाले लोग हमेशा बांटने में विश्वास रखते हैं और इसी वजह से वे नुकसान पहुंचाने में सफल होते हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं को एकजुट रहने का मंत्र देते हुए आगाह किया कि यदि समाज एकजुट रहेगा, तभी सुरक्षित रहेगा। इसलिए यह ध्यान रखना आवश्यक है कि “बटेंगे नहीं तो कटेंगे भी नहीं।” उन्होंने जोर दिया कि पार्टी कार्यकर्ताओं को जातिगत बंटवारे की राजनीति का जवाब सभी वर्गों को जोड़ने वाले सामाजिक संवाद और कार्यक्रमों से देना चाहिए।
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा हमला

मुख्यमंत्री ने इतिहास की घटनाओं का जिक्र करते हुए विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया। 30 अक्टूबर 1990 की घटना को याद करते हुए उन्होंने कहा कि तत्कालीन समाजवादी पार्टी सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए रामभक्तों और कारसेवकों पर गोलियां चलवाई थीं। उन्होंने कहा कि आज वही लोग अयोध्या के विकास की बात करते हैं, जबकि कांग्रेस और सपा हमेशा से अयोध्या के विकास में बाधा बनती रही हैं। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि 2014 से पहले देश में गरीबी और भ्रष्टाचार का बोलबाला था। गरीबों को केवल वोट बैंक समझा जाता था। वहीं, यूपी की पिछली सरकारों पर माफिया को संरक्षण देने और भर्ती प्रक्रियाओं में भाई-भ भतीजावाद व वसूली का आरोप लगाया।

यूपी: बीमारू राज्य से ग्रोथ इंजन तक का सफर

मुख्यमंत्री ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में हुए बदलावों का खाका पेश किया। उन्होंने बताया कि कैसे डबल इंजन सरकार के प्रयासों से राज्य की तस्वीर बदली है। प्रदेश की जीएसडीपी 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय दोगुनी से अधिक हो गई है। उत्तर प्रदेश आज देश के कुल एक्सप्रेसवे का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा समेटे हुए है। राज्य में संचालित एयरपोर्ट्स की संख्या केवल 2 से बढ़कर 17 हो गई है। महज दो वर्षों में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया गया और युवाओं को बिना सिफारिश के योग्यता के आधार पर नौकरियां दी गईं।
सोशल मीडिया और बूथ प्रबंधन पर जोर
पार्टी की मजबूती के लिए मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं को ठोस कार्ययोजना पर काम करने के निर्देश दिए। विपक्ष के नकारात्मक प्रचार का जवाब देने के लिए सोशल मीडिया को सबसे बड़ा हथियार बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 1.63 लाख सक्रिय बूथों से प्रतिदिन विकास कार्यों की सकारात्मक कहानियां साझा की जानी चाहिए। मतदाता सूची में छूटे हुए पात्र मतदाताओं और 18-19 वर्ष के युवाओं के नाम जुड़वाने के लिए बूथ स्तर पर विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया। ‘कमल साथी ऐप’ के जरिए इसकी नियमित समीक्षा करने को कहा गया। सरकार की उपलब्धियों और पिछली सरकारों के कार्यकाल की तुलनात्मक जानकारी देने वाली पुस्तिकाओं को हर बूथ तक पहुंचाने की योजना बनाई जाए।
दीपावली और दीपोत्सव के पावन पर्व पर गरीबों और वंचित परिवारों तक दीप व मिठाई पहुंचाकर सामाजिक सहभागिता बढ़ाने का आह्वान करते हुए सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि संगठन, समाज और सरकार के बीच मजबूत संवाद स्थापित कर जनसेवा के यज्ञ में अपनी पूरी निष्ठा से आहुति दें।
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