UP Political News : मोनू कश्यप मौत मामले में बढ़ा सियासी पारा, सांसद इकरा हसन पर FIR दर्ज

शामली के मोनू कश्यप मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर सहारनपुर डीआईजी दफ्तर पहुंचीं कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक और चक्काजाम के आरोप में इकरा हसन और उनके समर्थकों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है।

UP Political News

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 22, 2026

UP Political News : उत्तर प्रदेश के शामली जिले के जसाला गांव के रहने वाले कश्यप समाज के एक युवक मोनू कश्यप की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला अब पूरी तरह से गरमा गया है। इस संवेदनशील मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में नया मोड़ तब आया जब कैराना लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) की नवनिर्वाचित सांसद इकरा हसन के खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने सड़क जाम करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और उग्र धरना-प्रदर्शन करने के गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है और विपक्ष ने सरकार की इस घेराबंदी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पुलिस ने सांसद समेत 7 नेताओं को किया नामजद, 25 अज्ञात समर्थकों पर भी केस

पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के मुताबिक, कानून व्यवस्था बिगाड़ने और बिना अनुमति के प्रदर्शन करने के मामले में कुल सात प्रमुख लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा, प्रदर्शन में शामिल रहे 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों को भी इस मुकदमे में शामिल किया गया है। नामजद आरोपियों की सूची में सपा सांसद इकरा हसन के साथ-साथ पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल जैसे बड़े स्थानीय नेताओं के नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह आपराधिक मुकदमा स्थानीय उप निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) संजय कुमार शर्मा की लिखित तहरीर के आधार पर सहारनपुर के संबंधित थाने में दर्ज किया गया है।

डीआईजी कार्यालय के बाहर संतोषजनक जवाब न मिलने पर भड़का था सपा समर्थकों का गुस्सा

दरअसल, इस पूरे विवाद की पटकथा बीते 19 मई को लिखी गई थी। सांसद इकरा हसन मोनू कश्यप की मौत के मामले में पूरी तरह निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर मृतक की लाचार मां के साथ सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह से मुलाकात करने उनके कार्यालय पहुंची थीं। पीड़ित परिवार के हक की लड़ाई लड़ रहीं सांसद इकरा हसन ने जब बंद कमरे में अधिकारियों से वार्ता की, तो उनका आरोप था कि पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से निराश होकर जब पीड़ित परिवार और सांसद बाहर निकले, तो वहां पहले से मौजूद बड़ी संख्या में उनके समर्थक आक्रोशित हो गए।

सड़क जाम होने पर पुलिस ने सांसद को लिया था हिरासत, महिला थाने में रखा

पुलिस विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, डीआईजी कार्यालय के बाहर अचानक जमा हुई समर्थकों की भारी भीड़ के कारण मुख्य सड़क पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया और वहां कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। इस अव्यवस्था को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने तुरंत सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सांसद इकरा हसन को मौके से हिरासत में ले लिया और उन्हें सुरक्षा घेरे में महिला थाने भेज दिया गया था। हालांकि, माहौल को भांपते हुए और स्थिति सामान्य होने के कुछ समय बाद ही पुलिस ने सांसद को रिहा कर दिया था, लेकिन अब उन पर कानूनी शिकंजा कस दिया गया है।

पार्टी के बहाने शराब पिलाकर ट्रेन के आगे धक्का देने का है सनसनीखेज आरोप

अगर इस पूरे मामले की जड़ में जाएं, तो जसाला गांव के निवासी मोनू कश्यप का क्षत-विक्षत शव बीती 21 अप्रैल 2026 को पंजोखरा क्षेत्र में रेलवे लाइन के पास मिला था। मोनू के परिजनों ने शुरुआत से ही इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की गहरी आशंका जताई थी। पुलिसिया तफ्तीश के बाद इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन दोनों ने पुरानी रंजिश या किसी विवाद के चलते मोनू को पहले पार्टी करने के बहाने अपने पास बुलाया था। इसके बाद उसे अत्यधिक शराब पिलाई गई और जब वह बेसुध हो गया, तो उसे बेरहमी से आती हुई ट्रेन के आगे धक्का देकर मौत के घाट उतार दिया गया।

Read More:  Karuppu Box Office: ‘करुप्पु’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, 7 दिन में वर्ल्डवाइड 200 करोड़ पार