UP Police Allowance Hike : योगी सरकार ने पुलिसकर्मियों को दी राहत, किन तीन भत्तों में हुई बढ़ोतरी?

पुलिस स्मृति दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी पुलिसकर्मियों के लिए तीन अहम घोषणाएं कीं। मोटरसाइकिल, वर्दी और सिम भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान हुआ है। कार्यक्रम में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के साथ मुख्यमंत्री ने पिछली सपा सरकार पर भी निशाना साधा। जानिए किस भत्ते में कितना इजाफा हुआ।

UP Police Allowance Hike

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 22, 2026

Advertisements
728x90-Kanya-Sumangla-Mission-Shakti-Digital

UP Police Allowance Hike :  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को लखनऊ में पुलिस स्मृति दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित स्मृति परेड में पुलिसकर्मियों के लिए तीन महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं के तहत फील्ड ड्यूटी करने वाले उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों, पीपीएस अधिकारियों तथा आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों को आर्थिक राहत देने का फैसला किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों और जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए भत्तों में बढ़ोतरी की जा रही है।

मोटरसाइकिल भत्ता 700 से बढ़कर 1,000 रुपये

मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार, फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इससे संबंधित पुलिसकर्मियों को हर महीने 300 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इसके साथ ही पीपीएस संवर्ग के अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने की घोषणा की गई। वहीं, फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये किया जाएगा।

शहीद पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री ने दी श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य निभाते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर वीर जवानों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों के बलिदान के प्रति राष्ट्र का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। उनके मुताबिक, पुलिसकर्मियों की सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा प्रदेश में कानून का राज स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

आम नागरिकों की सुरक्षा में पुलिस की भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों का सुरक्षित स्कूल पहुंचना, बेटियों का निर्भय होकर घर से निकलना, व्यापारियों का बिना डर कारोबार करना और संकट के समय नागरिकों को सहायता मिलना पुलिसकर्मियों के निरंतर परिश्रम का परिणाम है। उन्होंने विजयादशमी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब लोग त्योहार मना रहे थे, तब पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुटे थे। योगी ने कहा कि शहीदों का साहस और कर्तव्य के प्रति समर्पण समाज को अपने दायित्वों का एहसास कराता है।

पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व

मुख्यमंत्री ने पुलिस स्मृति दिवस के ऐतिहासिक संदर्भ का भी उल्लेख किया। उन्होंने 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले का सामना करते हुए शहीद हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवानों को याद किया। उन्होंने 21 अक्टूबर 1943 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की ओर से आजाद हिंद सरकार की स्थापना का भी जिक्र किया। मुख्यमंत्री ने इन घटनाओं को त्याग, साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा से जोड़ा।

पिछली सपा सरकार पर साधा निशाना

अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले पुलिस अधिकारियों को राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ता था। मुख्यमंत्री के अनुसार, कई बार कार्रवाई अपराधियों के बजाय संबंधित अधिकारियों पर हो जाती थी। उन्होंने पुलिस थानों की पुरानी व्यवस्थाओं और पीएसी कंपनियों को बंद करने के कथित प्रयासों का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि पुलिस को स्वतंत्र रूप से कानून के अनुसार कार्रवाई करने का अवसर मिलना चाहिए।

Read More  :  Uttar Pradesh Police : यूपी पुलिस की बड़ी कार्रवाई, साइबर अपराध के 635 करोड़ रुपये फ्रीज