Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन तेज, तीन नागरिकों की हत्या से बढ़ा तनाव

मणिपुर में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इम्फाल में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम वाले परिसर के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई। आंसू गैस छोड़ी गई, पुतले जलाए गए और 48 घंटे के बंद से जनजीवन प्रभावित हुआ। राज्य में तनाव बना हुआ है।

Manipur Violence

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अक्टूबर 22, 2026

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Manipur Violence : मणिपुर में लगातार जारी हिंसा के बीच तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। मैरा पैबी महिला कार्यकर्ताओं ने सुनुलोक पहाड़ी पर हुई घटना की निंदा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर केइकॉन गांव से लुवांगसांगबाम स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक मशाल रैली निकाली। घटना के बाद राज्य में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रदर्शनकारी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री की मौजूदगी वाले खेल परिसर के बाहर झड़प

बुधवार को इम्फाल के खुमान लंपक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के बाहर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई। यहां मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह एक खेल कार्यक्रम में शामिल थे। इस दौरान राज्य के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम भी मौजूद थे। परिसर में दक्षिण कोरियाई प्रतिनिधियों की उपस्थिति में फर्स्ट मणिपुर पूमसे ताइक्वांडो चैंपियनशिप आयोजित की जा रही थी। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि जब नागरिकों की हत्या हो रही है, तब मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

सुनुलोक पहाड़ियों में घात लगाकर हमला

जानकारी के मुताबिक, 19 अक्टूबर को कांगपोकपी जिले की सुनुलोक पहाड़ियों में लकड़ी बीनने गए 14 मैतेई पुरुषों पर कथित तौर पर उग्रवादियों ने घात लगाकर हमला किया था। इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई। हत्याओं के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया और महिला प्रदर्शनकारियों ने खेल परिसर में प्रवेश करने की कोशिश की। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। इस कार्रवाई के दौरान तीन लोगों के मामूली रूप से घायल होने की जानकारी सामने आई।

नेताओं के पुतले जलाए, सांसद से मांगा जवाब

प्रदर्शन के बीच खबेसोई इलाके में राज्यसभा सांसद ए. शारदा देवी और गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम के पुतले जलाए गए। मैरा पैबी कार्यकर्ता सांसद के आवास पर भी पहुंचीं और घटना पर उनकी चुप्पी को लेकर सवाल उठाए। रिपोर्ट के अनुसार, सांसद ने वीडियो कॉल के माध्यम से आश्वासन दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहां से हट गईं।

इंडिया ब्लॉक के प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ओकराम इबोबी, कांग्रेस विधायक दल के नेता के. मेघचंद्र और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं ने खामेनलोक क्षेत्र के लैम्बोइखुल का दौरा किया। प्रतिनिधिमंडल ने सुनुलोक पहाड़ी की घटना में मारे गए तीन नागरिकों के शोक संतप्त परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की।

48 घंटे के बंद से बाजार और परिवहन प्रभावित

हत्याओं के विरोध में नेगेटिव पीपल कमेटी मणिपुर की ओर से मंगलवार आधी रात से 48 घंटे का बंद बुलाया गया। इसके चलते इम्फाल घाटी के पांच जिलों में बाजार बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हुआ। थौबल जिले के पेची गांव के पास बंद लागू कराने का दावा करने वाले लोगों ने चार दिहाड़ी मजदूरों से मारपीट की। इनमें एक मजदूर घायल हुआ। पुलिस ने चारों मजदूरों को बचाकर मामला दर्ज किया और जांच शुरू की।

जातीय संघर्ष से पहले ही प्रभावित है राज्य

मणिपुर में मई 2023 से मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष जारी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस संघर्ष में कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी है और कई लोग लापता हैं। इस साल फरवरी से कुकी और नागा समुदायों के बीच हुई झड़पों में भी करीब 50 लोगों की मौत की खबर है। ताजा हत्याओं के बाद राज्य में सुरक्षा और शांति बहाली को लेकर चिंताएं फिर बढ़ गई हैं।

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