
Meta Fine : अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य की एक अदालत ने फेसबुक यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता को लेकर लोगों को कथित तौर पर गुमराह करने के मामले में मेटा पर 25 अरब डॉलर का जुर्माना लगाया है। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार बुधवार, 21 अक्टूबर को राज्य अदालत के न्यायाधीश फ्रांसिस मैथ्यू ने यह फैसला सुनाया। इसे कंपनी के खिलाफ अब तक के सबसे बड़े जुर्मानों में से एक बताया जा रहा है।
अदालत ने कंपनी के वादों पर उठाए सवाल
फैसले में न्यायाधीश ने कहा कि फेसबुक ने यूजर्स से उनकी निजी जानकारी पर नियंत्रण बनाए रखने का वादा किया था, लेकिन यह वादा गलत था। पिछले महीने जूरी ने माना था कि मेटा ने न्यू मैक्सिको के उपभोक्ता संरक्षण कानून का 4.3 करोड़ से अधिक बार उल्लंघन किया। राज्य के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज ने फैसले को बड़ी कानूनी कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे सिलिकॉन वैली की टेक कंपनियों को स्पष्ट संदेश मिलना चाहिए।

मेटा के वकीलों ने जुर्माने की राशि पर जताई आपत्ति
अदालत में मेटा के वकील मैट निकोल्सन ने तर्क दिया कि लगभग 40 अरब डॉलर का जुर्माना अत्यधिक और चौंकाने वाला होगा। वहीं, राज्य के वकील रैंडी मैकगिन ने कहा कि उन बड़ी टेक कंपनियों को जवाबदेह ठहराना जरूरी है, जो खुद को कानून से ऊपर समझती हैं। सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से यह भी दलील दी गई कि जूरी ने यह निर्धारित नहीं किया कि न्यू मैक्सिको के किसी निवासी ने संबंधित बयानों को देखा या सुना था अथवा उनसे सीधे नुकसान उठाया था।
जुर्माने की रकम शिक्षा के लिए इस्तेमाल होगी
फैसले के बाद अटॉर्नी जनरल टोरेज ने बताया कि जुर्माने से मिलने वाली पूरी राशि राज्य के शिक्षा क्षेत्र के लिए बनाए गए कोष में जमा की जाएगी। यह रकम 2019 में अमेरिकी संघीय व्यापार आयोग यानी एफटीसी द्वारा फेसबुक पर लगाए गए 5 अरब डॉलर के जुर्माने से काफी अधिक है। हालांकि, मेटा ने फैसले को चुनौती देने और अपील में जुर्माने की राशि कम कराने की योजना बनाई है।

मेटा ने अपील में जीत का जताया भरोसा
मेटा के मुख्य कानूनी अधिकारी सीजे महोनी ने बयान जारी कर कहा कि कंपनी को अपील में जीत मिलने का भरोसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले को जिस तरह आगे बढ़ाया गया, उससे न्यू मैक्सिको में कारोबार करना मुश्किल हो सकता है। कंपनी का कहना है कि यह मुकदमा ऑनलाइन अभिव्यक्ति पर नए प्रतिबंध लगाने की कोशिश है। दूसरी ओर, राज्य सरकार का आरोप है कि मेटा ने निजी जानकारी तक पहुंच और हानिकारक सामग्री पर नियंत्रण को लेकर यूजर्स को गुमराह किया।
कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद से जुड़ा मामला
यह मुकदमा 2021 में दायर किया गया था और इसका एक आधार कैम्ब्रिज एनालिटिका विवाद से जुड़े खुलासे थे। आरोप था कि ब्रिटेन की अब बंद हो चुकी राजनीतिक सलाहकार कंपनी ने फेसबुक के करीब 8.7 करोड़ यूजर्स की निजी जानकारी उनकी अनुमति के बिना जुटाई और उसका इस्तेमाल लक्षित राजनीतिक विज्ञापनों के लिए किया। कंपनी के ग्राहकों में डोनाल्ड ट्रंप का 2016 का चुनाव प्रचार अभियान भी शामिल था।

मेटा को पहले भी कानूनी झटका लगा
न्यू मैक्सिको में छह महीने के भीतर मेटा को दूसरी बड़ी कानूनी हार का सामना करना पड़ा है। मार्च में एक अन्य मामले में जूरी ने युवाओं की सुरक्षा को लेकर यूजर्स को गुमराह करने का दोषी माना और कंपनी पर 37.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना लगाया। बाद में किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े राज्य कोष में 56.7 करोड़ डॉलर देने और युवा यूजर्स की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त कदम उठाने का निर्देश भी दिया गया।











