Uttarakhand News: देहरादून में सीएम धामी ने बताया सफलता का मंत्र, विद्यार्थियों को दी ये सीख

मुख्यमंत्री ने 20 अक्टूबर को देहरादून में आयोजित उत्तराखंड उदय कॉन्क्लेव में कहा कि राज्य में पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, नकल विरोधी कानून और युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को सरकार की प्राथमिकताओं में बताया।

देहरादून में सीएम धामी ने बताया सफलता का मंत्र

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 22, 2026

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Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को देहरादून स्थित द टॉसब्रिज स्कूल के संस्कार दिवस एवं स्थापना दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कार दिवस भारतीय संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के प्रति अपनी जिम्मेदारी याद करने का अवसर है।

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शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल विद्यार्थियों को अच्छे अंक दिलाना या करियर में सफल बनाना नहीं है, बल्कि उन्हें जिम्मेदार और संवेदनशील इंसान बनाना भी है। ज्ञान जीवन में आगे बढ़ने का रास्ता दिखाता है, जबकि संस्कार सही दिशा चुनने में मदद करते हैं। उन्होंने अनुशासन, ईमानदारी, चरित्र और नैतिक मूल्यों को जीवन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने स्कूल में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति को महत्व देने की सराहना की।

डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील

सीएम धामी ने बताया कि द टॉसब्रिज स्कूल का उद्घाटन वर्ष 2015 में पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने किया था। उन्होंने विद्यार्थियों से कलाम के जीवन से प्रेरणा लेकर बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने बच्चों को उनकी आत्मकथा ‘विंग्स ऑफ फायर’ पढ़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता से लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

भारतीय संस्कृति और वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश

भारतीय संस्कृति और वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश
भारतीय संस्कृति और वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश

मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति की विशेषताओं पर चर्चा करते हुए कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना सभी को एक परिवार मानने की प्रेरणा देती है। बड़ों का सम्मान करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और अलग-अलग विचारों एवं विविधताओं को स्वीकार करना भारतीय संस्कारों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मूल्य समाज में आपसी सहयोग, सम्मान और सद्भाव को मजबूत बनाते हैं।

ज्ञान के साथ कर्म और जिम्मेदारी पर जोर

विद्यालय के ध्येय वाक्य ‘ज्ञानं भारः क्रियां बिना’ का उल्लेख करते हुए धामी ने कहा कि कर्म के बिना ज्ञान अधूरा है। सीखी गई बातों का वास्तविक महत्व तभी है, जब उनका उपयोग समाज और देश के हित में किया जाए। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ जिम्मेदारी, सेवा और व्यावहारिक कार्यों को भी महत्व देने की अपील की।

तकनीक और नवाचार के साथ संस्कारों का समन्वय

धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीक, विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को आधुनिक विषयों और नए कौशल में दक्ष होने के साथ योग, ध्यान और अनुशासन को भी अपनाना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मकता और कौशल को बढ़ावा देना जरूरी है।

पारदर्शी भर्ती और युवाओं के रोजगार पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड सरकार युवाओं को नौकरी के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों के लिए भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने दावा किया कि नकल पर रोक लगाने के लिए सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था के माध्यम से पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

मेहनत और अनुशासन से हासिल करें सफलता

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और लगातार सीखने की इच्छा ही आगे बढ़ने का आधार हैं। उन्होंने असफलताओं से सीख लेकर आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ने की सलाह दी। धामी ने कहा कि शिक्षित, संस्कारित और आत्मनिर्भर युवा उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प में अहम भूमिका निभाएंगे।

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