UP News: उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले दो दिनों से जारी आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। खेतों में तैयार खड़ी फसलें बर्बाद होने से अन्नदाता संकट में हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को शासन के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आपदा की इस घड़ी में किसानों और प्रभावित नागरिकों को तत्काल सरकारी मदद पहुँचाई जाए।
सीएम योगी ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की समीक्षा की
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में हुई अतिवृष्टि और ओलावृष्टि को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को प्रमुख सचिव राजस्व और राहत आयुक्त के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम योगी ने कहा, “सभी संबंधित जिलों के अधिकारी तुरंत फील्ड पर उतरें और राहत कार्यों की खुद निगरानी करें।” उन्होंने बेमौसम बारिश से हुई क्षति का सटीक आंकलन (Damage Assessment) करने और विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की सक्रियता ही पीड़ितों का दर्द कम कर सकती है, इसलिए सरकारी अमला पूरी तत्परता से जमीन पर उतरकर काम करे।
24 घंटे के भीतर सहायता राशि वितरण
प्राकृतिक आपदा के कारण प्रदेश के कई जिलों में जान-माल का नुकसान हुआ है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रभाव से राहत राशि वितरित करने का आदेश दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि खराब मौसम के कारण हुई जनहानि, पशुहानि या घायलों को चिह्नित कर अगले 24 घंटे के भीतर उनके परिवारों को निर्धारित मुआवजा प्रदान किया जाए।
इसके साथ ही, शहरी और ग्रामीण इलाकों में भारी बरसात के कारण हुए जलभराव (Waterlogging) को लेकर भी मुख्यमंत्री गंभीर दिखे। उन्होंने नगर निकायों और जिला प्रशासन को जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने और प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से सफाई व राहत अभियान चलाने का निर्देश दिया ताकि संक्रामक बीमारियों का खतरा न बढ़े।
किसानों की बर्बाद फसलों का मुआवजा
उत्तर प्रदेश में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मेरठ, आगरा, इटावा, लखनऊ और प्रयागराज समेत कई जिलों में गेंहू, सरसों और अन्य नकदी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा है। बेमौसम बरसात ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए सीएम योगी ने कहा कि फसल क्षतिपूर्ति (Crop Insurance/Compensation) का सही सर्वे कर एक सप्ताह के भीतर पात्र किसानों के बैंक खातों में पैसा भेजा जाए। उन्होंने राजस्व विभाग को निर्देश दिए कि वे ओलावृष्टि से प्रभावित एक-एक खेत का निरीक्षण करें ताकि कोई भी पीड़ित किसान सरकारी सहायता से वंचित न रहे। अन्नदाता की ‘कमर तोड़ने’ वाली इस आपदा में सरकार उनके साथ खड़ी है और हर संभव वित्तीय मदद सुनिश्चित करेगी।









