UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज कांग्रेस पार्टी ने विधानसभा घेराव का कार्यक्रम रखा है। पार्टी ने पहले ही घोषणा की थी कि वह मनरेगा मजदूरों के भुगतान न मिलने के मुद्दे पर सड़क से सदन तक आवाज उठाएगी। सुबह से ही शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हलचल तेज हो गई है और वे अलग-अलग इलाकों से जुटने लगे हैं।
इससे पहले ही पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए कई कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं। विधानसभा परिसर के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, बैरिकेडिंग की गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
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अजय राय की मौजूदगी और रणनीति
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय सुबह पार्टी कार्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं के साथ आगे की रणनीति पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पार्टी शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराएगी।
मनरेगा मजदूरों का मुद्दा
अजय राय ने कहा कि विधानसभा का यह घेराव मनरेगा मजदूरों को उनका भुगतान न मिलने के मुद्दे पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों की मजदूरी 11-12 महीने से रोकी हुई है। उनका कहना था कि गरीबों को 100 दिनों के रोजगार का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब वे अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि यह कानून, जिसे महात्मा गांधी के नाम पर लागू किया गया था, उसे खत्म करने की कोशिश की जा रही है।
शंकराचार्य और अन्य मुद्दों पर हमला
अजय राय ने योगी सरकार पर शंकराचार्य का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बटुकों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और माता अहिल्याबाई होलकर की मूर्ति को नुकसान पहुंचाया गया। इसके अलावा उन्होंने दाल मंडी के ध्वस्तीकरण और लखनऊ के 600 साल पुराने मजार को नोटिस दिए जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार बढ़ रहे हैं।
सांसद किशोरी लाल शर्मा का बयान
कांग्रेस सांसद किशोरी लाल शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं का उत्साह देखकर साफ है कि राज्य सरकार डरी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नेताओं को नजरबंद कर रही है। उनका कहना था कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन करना संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार इसे कुचलना चाहती है।
लखनऊ में कांग्रेस का विधानसभा घेराव मनरेगा मजदूरों के भुगतान और अन्य सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर केंद्रित है। पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और कई नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराएगी, जबकि प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रहा है। यह प्रदर्शन राज्य की राजनीति में बड़ा असर डाल सकता है।









