UP News: आगरा में दिखेगी सम्राट अशोक के महल की झलक, 125 फीट की ऊंचाई पर लहराएगा पंचशील ध्वज!

आगरा के शाहगंज (ग्यासपुरा) में डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय 'भीमनगरी' महोत्सव का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण सम्राट अशोक के महल की तर्ज पर बना 125 फीट ऊंचा विशाल मंच होगा, जहां पहली बार राष्ट्रध्वज के साथ पंचशील पताका फहराई जाएगी।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 8, 2026

UP News: संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश के आगरा (शाहगंज, ग्यासपुरा) में इस वर्ष भीमनगरी महोत्सव का आयोजन बेहद भव्य स्तर पर होने जा रहा है। 15 से 17 अप्रैल तक चलने वाले इस तीन दिवसीय उत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार का आकर्षण कोलकाता के कारीगरों द्वारा निर्मित सम्राट अशोक के महलनुमा मंच और राष्ट्रध्वज के साथ पंचशील पताका का संगम होगा।

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सम्राट अशोक के महल की झलक

इस वर्ष भीमनगरी का मुख्य मंच आगरा के जीआईसी (GIC) मैदान में तैयार किया जा रहा है। इसकी विशेषताएँ कुछ इस प्रकार हैं। मुख्य मंच को सम्राट अशोक के महल की तर्ज पर बनाया जा रहा है, जिसकी चौड़ाई 300 फीट और ऊंचाई 125 फीट होगी। पहली बार 125 फीट की ऊंचाई पर पंचशील ध्वज के साथ राष्ट्रध्वज भी फहराया जाएगा। कोलकाता के 80 से अधिक कुशल कारीगर इस महल को अंतिम रूप दे रहे हैं, जिसमें सम्राट अशोक के काल के ‘अशोक चिह्न’ और बौद्ध कलाकृतियों को उकेरा जाएगा। पूरा परिसर ‘बोधित्व थीम’ पर आधारित होगा, जिसमें फव्वारे, फूलों की सजावट और वीआईपी मेहमानों के लिए अलग मंच की व्यवस्था होगी।

तीन दिवसीय सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम

भीमनगरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस बार के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं:

15 अप्रैल: महोत्सव का औपचारिक उद्घाटन और भगवान बुद्ध व बाबा साहब के जीवन पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां।

16 अप्रैल: सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करते हुए 101 जोड़ों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा।

17 अप्रैल: मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह और अगले वर्ष के लिए ‘भीमनगरी’ के नए स्थल की आधिकारिक घोषणा।

विकास कार्यों की सुस्त रफ्तार पर चिंता

महोत्सव की भव्यता के बीच आयोजन समिति ने स्थानीय प्रशासन के प्रति नाराजगी व्यक्त की है। समिति के अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी और क्षेत्रीय अध्यक्ष सुभाष सागर का कहना है कि नगर निगम ने विकास कार्यों में देरी की है। बस्तियों और गलियों में निर्माण कार्य अधूरे हैं और हाल ही में हुए री-टेंडर के कारण गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। आंबेडकर बगीचियों की मरम्मत और रंग-रोगन का काम भी समय पर शुरू न होने से आयोजकों में असमंजस की स्थिति है।

1996 से शुरू हुआ सफर

भीमनगरी का इतिहास करीब तीन दशक पुराना है। 1996 में ईदगाह कुतलूपुर से इसकी शुरुआत डॉ. सविता आंबेडकर (बाबा साहब की पत्नी) ने की थी। इसका उद्देश्य आंबेडकर शोभायात्रा को जनकपुरी की तर्ज पर विस्तार देना और दलित बस्तियों के विकास को मुख्यधारा से जोड़ना था। इस मंच पर पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह, एच.डी. देवगौड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह व मायावती जैसी दिग्गज हस्तियां शिरकत कर चुकी हैं।

इस वर्ष भी आगरा और आसपास के जिलों से लाखों लोगों के उमड़ने की उम्मीद है, जिसके लिए प्रशासन 5.50 करोड़ रुपये के विकास कार्यों और 50 लाख रुपये की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का दावा कर रहा है।

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