
UP MLC Election Result 2026 : उत्तर प्रदेश विधान परिषद के पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर हलचल तेज हो गई है। मंगलवार सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। इसके लिए संबंधित केंद्रों पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी और पूरी प्रक्रिया निर्धारित निर्वाचन नियमों के अनुसार संपन्न कराई जाएगी। आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी इन नतीजों को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सात शहरों में बनाए गए मतगणना केंद्र
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, विधान परिषद चुनाव की मतगणना लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में कराई जाएगी। सभी केंद्रों पर व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और मतगणना में किसी प्रकार की बाधा नहीं आने देने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को मतगणना केंद्रों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के साथ-साथ कर्मचारियों की जिम्मेदारियां समय से तय करने को कहा गया है।

सीसीटीवी और वीडियोग्राफी से होगी निगरानी
मतगणना प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और वीडियोग्राफी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। निर्वाचन अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का निर्वहन निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार करना होगा, ताकि मतगणना की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से पूरी हो सके।
24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक इंतजाम
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया है कि मतगणना समाप्त होने तक केंद्रों पर 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। बिजली बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए ऑटो स्विच जनरेटर सहित वैकल्पिक व्यवस्थाएं उपलब्ध रखी जाएंगी। इसके अलावा, प्रत्येक मतगणना मेज पर पर्याप्त स्टेशनरी और अन्य जरूरी सामग्री मौजूद रहनी चाहिए। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि संसाधनों की कमी के कारण मतगणना के काम में किसी तरह की रुकावट न आए।


प्रशिक्षित कर्मचारियों की रिजर्व ड्यूटी भी रहेगी
विधान परिषद चुनाव में एकल संक्रमणीय मत प्रणाली यानी सिंगल ट्रांसफरेबल वोट (STV) के तहत आनुपातिक प्रतिनिधित्व की व्यवस्था लागू होती है। इस प्रक्रिया में मतों की गणना सामान्य मतगणना की तुलना में अधिक समय ले सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में प्रशिक्षित अधिकारियों और कर्मचारियों को रिजर्व ड्यूटी पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन कर्मचारियों की मदद से मतगणना का काम लगातार जारी रखा जा सकेगा।
मतगणना अभिकर्ताओं के लिए भी जारी हुए निर्देश
निर्वाचन अधिकारियों को उम्मीदवारों और उनके मतगणना अभिकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी देने के लिए कहा गया है। मतगणना अभिकर्ताओं की नियुक्ति से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा और उनके लिए जरूरी बैज उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे मतगणना केंद्रों पर अधिकृत व्यक्तियों की पहचान और प्रवेश व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाई
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने स्पष्ट किया है कि मतगणना का पूरा काम भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप कराया जाना चाहिए। किसी भी तरह की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा। अब सभी की निगाहें मतगणना पर टिकी हैं, जिसके नतीजे उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 सीटों पर उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट करेंगे।
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