
Lawrence Bishnoi News : गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, टाइगर श्रॉफ पर हमले के मामले में उसका नाम सामने आने के बाद उसे जेल के विशेष हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया है। हालांकि, इस मामले में उसकी भूमिका और जेल में स्थानांतरण से जुड़ी जानकारी की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। साबरमती जेल में पहले भी उसे कड़ी सुरक्षा वाले क्षेत्र में रखा गया था, ताकि उसकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।
ब्लॉक 200 में क्यों रखा गया लॉरेंस बिश्नोई?
रिपोर्ट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई को पहले साबरमती जेल के ‘दस खोली’ ब्लॉक में रखा गया था। अब उसे कथित तौर पर ‘दो सौ खोली’ नाम के हाई-सिक्योरिटी ब्लॉक में स्थानांतरित किया गया है। इस ब्लॉक की क्षमता लगभग 200 कैदियों की बताई जाती है। यहां गंभीर आपराधिक मामलों में बंद कैदियों को रखने की व्यवस्था है। सुरक्षा के लिहाज से इस क्षेत्र में कैदियों की गतिविधियों और उनके आपसी संपर्क पर विशेष निगरानी रखी जाती है।

7.5×11 फीट का सेल और सीमित संपर्क व्यवस्था
बताया जाता है कि लॉरेंस बिश्नोई के सेल का आकार लगभग 7.5×11 फीट है। जेल के इस हिस्से में कैदियों को अलग-अलग रखने और उनके बीच अनधिकृत संपर्क रोकने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ब्लॉक को चार हिस्सों में बांटा गया है और प्रत्येक हिस्से में लगभग 50 कैदियों को रखने की क्षमता है। इस तरह की व्यवस्था का उद्देश्य सुरक्षा संबंधी जोखिमों को कम करना और जेल के भीतर गतिविधियों पर नियंत्रण बनाए रखना है।
2023 में बठिंडा से साबरमती जेल लाया गया था गैंगस्टर
लॉरेंस बिश्नोई को वर्ष 2023 में बठिंडा जेल से गुजरात की साबरमती जेल में स्थानांतरित किया गया था। इसके बाद उसे हाई-सिक्योरिटी वाले ‘दस खोली’ ब्लॉक में रखा गया। इससे पहले वह तिहाड़ जेल और पंजाब की अलग-अलग जेलों में भी रह चुका है। विभिन्न जेलों में रहते हुए उसके कथित आपराधिक नेटवर्क और धमकी भरे संदेशों से जुड़े मामले जांच एजेंसियों के सामने आए थे। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसके संपर्कों और कथित नेटवर्क की गतिविधियों पर नजर रखती रही हैं।


दो साल से सीधे संपर्क नहीं होने का दावा
रिपोर्ट में जांचकर्ताओं के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले करीब दो वर्षों में लॉरेंस बिश्नोई की ओर से सीधे फोन कॉल या बातचीत के प्रमाण सामने नहीं आए हैं। इससे पहले जबरन वसूली के लिए धमकी भरे कॉल, ऑडियो और वीडियो संदेश भेजने के आरोप चर्चा में रहे थे। हालांकि, उसके संपर्क पूरी तरह समाप्त होने के दावे की पुष्टि के लिए जांच एजेंसियों के आधिकारिक बयान जरूरी हैं।
ब्लॉक 200 में गंभीर मामलों के कैदी भी बंद
साबरमती जेल का ब्लॉक 200 कथित तौर पर उन कैदियों के लिए निर्धारित है, जो गंभीर आपराधिक मामलों में बंद हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यहां 2008 के अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले से जुड़े दोषियों समेत अन्य गंभीर मामलों के कैदी भी रखे गए हैं। जेल प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा, निगरानी और कैदियों के बीच अनधिकृत संपर्क रोकना है। लॉरेंस बिश्नोई को यहां रखे जाने की खबर के बाद उसकी सुरक्षा व्यवस्था और कथित नेटवर्क को लेकर चर्चा बढ़ गई है।
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